भेल के सैकड़ों मजदूरों की ठेकेदारों से आर-पार की लड़ाई, कम वेतन देने से नाराज हैं मजदूर

भोपाल

प्रबंधन की शह पर कुछ ठेकेदार अपनी मनमानी व दादागिरी पर उतर आये हैं इससे मजदूर वर्ग साफ परेशान दिखाई दे रहा है। किसी मजदूर का पीएफ जमा न करना तो किसी को समय पर वेतन न देना साथ ही बैंक खाते में कम वेतन डालना आम बात हो गई है। मजदूर नेता अपनी नेतागिरी में मस्त है और मजदूर पस्त हैं। ज्यादातर देखा जाये तो मजदूरों की नेतागिरी करने वाले खुद आर्थिक रूप से मजबूत हैं सिर्फ परेशान है तो भेल का मजदूर। इस परेशानी को लेकर मजदूर दो दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

बुधवार को भेल कारखाने में परेशान हाल मजदूर अपनी मांगों को लेकर चिल्लाते रहे और गुरूवार को भेल के फाउंड्री गेट पर धरना प्रदर्शन करने जा पहुंचे। उनकी जायज मांगे कब पूरी होगी यह अलग बात है लेकिन बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पहुंचे मजदूरों को आखिर पुलिस ने खदेड़ दिया। मजबूर मजदूर दोबारा से परमिशन लेकर आये और धरने पर बैठ गये।

उनका कहना है कि एक लाख तक वेतन पाने वाले भेल कर्मचारियों के बराबर काम करने वाले मजदूरों को 6 से साढ़े 8 हजार का मामूली वेतन मिलता है। ठेकेदारों की मनमानी तो जग जाहिर है उस पर प्रबंधन भी उनका साथ नहीं देगा तो वह अपने परिवार का कैसे भरण-पोषण का पायेंगे। पहले तक भेल प्रबंधन कलेक्टर दर पर मिलने वाले वेतन के अलावा मामूली बढ़ोतरी देकर काम करवा रहे थे अब इसे भी बंद कर दी है। उस पर ठेकेदार निर्धारित वेतन को भी बैंक खाते में टुकड़े-टुकड़े में भेज रहे हैं वहीं कुछ विभाग तो ऐसे हैं जहां मजदूरों को दो से पांच माह तक वेतन ही नहीं मिला।

हाल ही एक सोसायटी ने करीब तीन माह का वेतन बैंक खाते में डाला है फिर भी दो माह का वेतन बाकी है। मजेदार बात यह है कि पीएफ, बोनस, ड्रेस, शेफ्टी शूज आदि की सुविधा न देने के बाद भी कंपनी के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ठेकेदारों के बिल धड़ल्ले से पास किये जा रहे हैं, फिर मजदूरों की सुनवाई क्यों नहीं हो रही है भेल के कुछ बड़े कॉन्ट्रेक्टर तो बोनस देना ही भूल से गये हैं यह समझ से परे है। मजदूरों का कहना है कि इन मामलों को लेकर वह आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। भेल प्रवक्ता का कहना है कि भेल में प्रबंधन सारे काम नियामानुसार कराती है। यदि कहीं इस तरह की गलतियां ठेकेदार कर रहे हैं तो कार्यवाही की जायेगी।

विधायक ने कहा ईडी से करूंगी बात
प्रदर्शनकारियों की तकलीफ जानने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कृष्णा गौर प्रदर्शन स्थल पर पहुंची। उन्होंंने मजदूरों के दर्द सुनने के बाद उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह जल्द भेल के कार्यपालक निदेशक से बात कर इस समस्या से निजात दिलाने की कोशिश करूंगी।

About bheldn

Check Also

भेल की थ्रिफ्ट सोसायटी के चुनाव में गिरी, वसंत कुमार, नागपुरे की पैनल मारेंगी दम

अपनी-अपनी पैनल बनाने में जुटे नेता फिर भी पैनल अधूरी भोपाल। 100 करोड़ के टर्न …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *