तीनों फॉर्मेट में भारत को अलग कप्तान रखने चाहिए? गंभीर की है ये राय

नई दिल्ली,

भारतीय क्रिकेट टीम को लेकर एक बहस लंबे समय से छिड़ी हुई है. कहा जा रहा है कि भारत को भी टेस्ट, वनडे और टी20 के लिए अलग कप्तान रखने चाहिए. जब बाकी बड़ी टीमों ने इस रणनीति को अपनाया है, ऐसे में भारत पर भी ऐसा करने का दवाब है. अब भारत के लिहाज से ये रणनीति कितनी कारगर है, ये जानने के लिए आजतक के E-Salaam Cricket 2021 में पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर से खास बातचीत की गई.

तीन फॉर्मेट-तीन कप्तान?
हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाले गौतम गंभीर ने कहा है कि ये जरूरी नहीं कि हर फॉर्मेट के लिए अलग कप्तान रहे. अगर कोई एक कप्तान भी अच्छे रिजल्ट दे रहा है तो उसे हर फॉर्मेट के लिए कप्तान रखा जा सकता है. लेकिन वे ये भी मानते हैं कि आज के दौर में ऑस्ट्रेलिया से लेकर इंग्लैंड तक हर टीम ने इस रणनीति को अपनाया है. सभी ने अलग कप्तान रखे हैं, जिस वजह से बदलती परिस्थिति के साथ टीम भी मजबूत होती जाती है. ऐसे में गंभीर मानते हैं कि इंडिया एक ही कप्तान को टेस्ट की पूरी जिम्मेदारी दे सकती है. वहीं, एकदिवसीय मैच के लिए किसी दूसरे कप्तान पर भी विचार किया जा सकता है. इसी कड़ी में उन्होंने शिखर धवन का भी जिक्र किया है जो श्रीलंका दौरे के लिए कप्तान नियुक्त किए गए हैं. ऐसे में गंभीर अलग कप्तान का होना जरूरी तो नहीं मानते हैं, लेकिन इसे एक मजबूत रणनीति के तौर पर जरूर देखते हैं.

न्यूजीलैंड को क्या एडवांटेज?
वैसे इस समय बहस इस बात पर भी है कि न्यूजीलैंड के पास भारत की तुलना में ज्यादा एडवांटेज है. जोर दिया जा रहा है कि न्यूजीलैंड पहले से ही इंग्लैंड में खेल रहा है और वहां की परिस्थिति के मुताबिक खुद को एडजस्ट कर चुका है. अब गंभीर के सामने भी यही सवाल रखा गया, तब उन्होंने भी इस पहलू पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि दोनों टीमों के लिए एडवांटेज है. दोनों टीमें जीत की कोशिश करेंगी. भारत की टीम बेहतरीन है. इंडिया ने आईपीएल के बाद कोई टेस्ट नहीं खेला है और न्यूजीलैंड ने हाल में दो टेस्ट खेला है ऐसे में न्यूजीलैंड के पास एडवांटेज है. हालांकि टीम इंडिया के पास बेहतरीन बल्लेबाजी अटैक और गेंदबाज हैं.

गंभीर क्यों बोले- टॉस खत्म हो
उसी इंटरव्यू में गंभीर ने एक और बड़ा बयान दिया है. उन्होंने टेस्ट मैच में टॉस खत्म करने की वकालत कर दी है. वे मानते हैं कि अगर टेस्ट मैच को रोचक बनाना है तो टॉस को खत्म करना जरूरी है, क्योंकि ऐसा होते ही किसी भी टीम के पास एक्सट्रा एडवांटेज नहीं रहेगा. उनके मुताबिक पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी का फैसला मेहमान टीम को देना चाहिए. ऐसा होने से किसी को भी ज्यादा फायदा नहीं रहता और एक बेहतरीन मैच देखने को मिल जाता है.

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