दुनिया में दहशत बढ़ा रहा ‘डेल्टा’ कोरोना शेरों तक पहुंचा, तमिलनाडु में 2 की मौत

चेन्नै

तमिलनाडु के वंडालूर में स्थित अरिगनर अन्ना जैविक उद्यान (AAZP) के चार शेरों में कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंटपाया गया। इन शेरों के नमूनों की ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ से पता चला है कि वे वायरस के ‘पैंगोलिन लिनियेज’ बी.1.617.2 वेरिएंट से संक्रमित थे जिसे WHO ने डेल्टा वेरिएंट बताया है। उद्यान की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। दो दिन पहले ही यहां 12 साल के शेर और उससे पहले 9 साल की एक शेरनी ने कोरोना से दम तोड़ा था।

जैविक उद्यान के उप निदेशक ने बताया कि इस साल 11 मई को डब्ल्यूएचओ ने वायरस के बी.1.617.2 वेरिएंट को चिंताजनक बताया था और कहा था कि यह ज्यादा संक्रामक है। जैविक उद्यान ने कोरोना वायरस की जांच के लिए 24 मई को चार और 29 मई को सात शेरों के नमूने भोपाल स्थित आईसीएआर- राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजे थे। संस्थान ने तीन जून को बताया कि नौ शेरों की जांच में संक्रमण पाया गया है। इसके बाद से शेरों का उपचार किया जा रहा है।

इस साल 11 मई को डब्ल्यूएचओ ने वायरस के बी.1.617.2 वैरियंट को चिंताजनक बताया था और कहा था कि यह ज्यादा संक्रामक है।
उप निदेशक, वंडलूर जैविक उद्यान

चार नमूनों की जांच में मिला डेल्टा वैरिएंट
उप निदेशक ने एक बयान में कहा कि जैविक उद्यान के अनुरोध पर संस्थान ने उस वायरस की ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ के नतीजे साझा किए थे जिनसे शेर संक्रमित हुए थे। बयान में कहा गया, ‘आईसीएआर-एनआईएचएसएडी के निदेशक ने बताया कि संस्थान में चारों नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई। सीक्वेंस के विश्लेषण से पता चलता है कि चारों सीक्वेंस पैंगोलिन लिनिएज बी.1.617.2 वेरिएंटके हैं जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार डेल्टा वेरिएंट हैं।

एक शेर और शेरनी की हो चुकी है मौत
इस महीने वंडालूर जैविक उद्यान में नौ साल की शेरनी नीला और पद्मनाथन नामक 12 साल के एक शेर की कोविड-19 से मौत हो गई थी। इसके बाद जानवरों के बाड़े संक्रमण मुक्त किए जा रहे हैं और कर्मचारियों के लिए पीपीई किट पहनना अनिवार्य किया गया है।

कोविड-19 का डेल्टा वेरिएंट विश्व में प्रबल होता जा रहा है। यह दूसरे वेरिएंट की अपेक्षा कहीं अधिक तेजी से फैला होता है।
सौम्या स्वामीनाथ, WHO की मुख्य वैज्ञानिक

भारत में सबसे पहले मिला, अब तक 80 देशों में फैला
बता दें कि कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट सबसे पहले भारत में मिला था और अब तक यह 80 देशों में पहुंच चुका है। WHO की ओर से 15 जून को जारी रिपोर्ट के अनुसार, डेल्टा वेरिएंट अब करीब 80 देशों में पाया जा रहा है। बी.1.617.2 डेल्टा स्वरूप का सबसे पहले भारत में अक्टूबर 2020 में पता चला था।

दूसरे वेरिएंट की अपेक्षा काफी तेजी से फैलता है डेल्टा
ब्रिटेन में पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित 33,630 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही ब्रिटेन में वायरस के इस वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 75,953 हो गई है। ब्रिटेन में 99 प्रतिशत नए मरीज इसी वेरिएंट से संक्रमित पाए जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथ ने कहा, ‘कोविड-19 का डेल्टा वेरिएंट विश्व में प्रबल होता जा रहा है। यह दूसरे वेरिएंट की अपेक्षा कहीं अधिक तेजी से फैला होता है।’

मॉस्को में भी डेल्टा वेरिएंट की दहशत
मॉस्को में कोविड-19 के 89.3 प्रतिशत रोगियों में खतरनाक डेल्टा वेरिएंट का पता चला है। रूस की राजधानी में नए इन्फेक्शन में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। डेल्टा वेरिएंट का सामना करने के लिए लोगों को पहले की आवश्यकता के अनुसार दो बार एंटीबॉडी विकसित करने की जरूरत है, जिससे मॉस्को में हर्ड इम्युनिटी स्तर 60 प्रतिशत से घटकर केवल 25 प्रतिशत रह जाए।

न्यूयॉर्क में 6 फीसदी से अधिक मामलों में डेल्टा वेरिएंट
न्यूयॉर्क सिटी के हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक शहर में कोविड-19 के मामलों की जांच में छह प्रतिशत से अधिक मामलों में ‘डेल्टा’ वेरिएंट की पुष्टि हुई है। पांच जून को खत्म हफ्ते में न्यूयॉर्क सिटी में कोविड-19 के 105 मामलों में संक्रमण के 6.7 प्रतिशत मामले ‘डेल्टा’ (बी.1.617.2) वेरिएंट के हैं। विभाग के मुताबिक, ‘वर्तमान में बी.1.1.7 (अल्फा) और बी.1.526 (योटा) शहर में सबसे तेजी से फैलने वाले स्वरूप हैं। हमलोग पी.1 (गामा) और बी.1.617.2 (डेल्टा) की भी निगरानी कर रहे हैं जो अमेरिका एवं अन्य देशों में तेजी से फैल रहा है।’

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