बंगाल बीजेपी में दरार! सौमित्र खान और शुभेंदु अधिकारी के बीच बढ़ी रार

नई दिल्ली

बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कैबिनेट का विस्तार किया है। लेकिन इस बीच पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच बढ़ती दरार ने बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि नई टीम में जगह नहीं मिलने से नाराज विष्णुपुर संसदीय सीट से पार्टी के सांसद सौमित्र खान ने राज्य भाजपा यूथ ईकाई के पद से इस्तीफा दे दिया है। सांसद सौमित्र खान ने पार्टी के राज्य युवा ईकाई अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद शुभेंदु अधिकारी पर हमला बोला है। इतना ही नहीं कुछ ही घंटों के बाद भाजपा के अन्य नेता राजीव बनर्जी ने भी शुभेंदु अधिकारी को निशाने पर लिया। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी द्वारा ममता बनर्जी की गैरजरुरी आलोचना किये जाने की निंदा की। सौमित्र खान ने शुभेंदु अधिकारी पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘पार्टी केवल एक जगह केंद्रित हो रही है…शुभेंदु बार-बार दिल्ली जाकर सभी को बरगला रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि केवल उन्होंने ही बलिदान किया है। हम लोगों ने कुछ नहीं किया है। वो खुद को शीर्ष नेता के तौर पर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। जिस तरह से पार्टी की बंगाल ईकाई चल रही है इससे कुछ अच्छा नहीं हो सकता। पार्टी में असंतोष है…उससे हम बहुत ही दुखी है। मुझे साइड लाइन किया गया।’

राजीव बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाल कर कहा था कि विधानसभा में विपक्ष के नेता (शुभेंदु अधिकारी) को बेवजह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला नहीं बोलना चाहिए। ममता बनर्जी तीसरी बार बड़ी जीत के साथ सत्ता में आई हैं। इसके बजाए उन्हें तेल के बढ़ते दामों पर फोकस करना चाहिए। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब राजीव बनर्जी ने बीजेपी के खिलाफ आवाज बुलंद की है। जून के महीने में राजीब बनर्जी ने टीएमसी के राज्य सचिव कुणाल घोष से भी मुलाकात की थी। यहां आपको बता दें कि सौमित्र खान, राजीब बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी यह तीनों ही नेता पहले तृणमूल कांग्रेस के साथ थे। सौमत्र खान ने जनवरी, 2019 में बीजेपी ज्वायन किया था। शुभेंदु अधिकारी ने दिसंबर 2020 और बनर्जी ने जनवरी 2021 में बीजेपी का दामन थामा था।

इधर इस पूरे विवाद पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ‘कई लोगों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की आदत है उन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। जब राज्य कैबिनेट बनी थी तब टीएमसी के कुछ विधायकों ने सोशल मीडिया पर कमेंट किये थे। उन लोगों को गंभीरता से नहीं लिया गया था। आज मैं इसे गंभीरता से नहीं ले रहा हूं। जब मैं दिल्ली जाता हूं तो सौमित्र खान के घर पर लंच करता हूं। सौमित्र खान मेरे भाई की तरह हैं, मैं कोई कमेंट नहीं करना चाहता हूं।

दिसंबर 2020 में सौमित्र खान ने अपनी पत्नी सुजाता मंडल खान को तलाक का नोटिस भेजा था। इसके बाद सुजाता मंडल ने बीजेपी छोड़ टीएमसी ज्वायन कर लिया था। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुजाता मंडल ने कहा कि यह तो होने ही वाला था, क्योंकि पार्टी को कुछ बेकार और अयोग्य लोग चला रहे हैं। कुछ लोग जो बड़े घोटालों के आरोपी थी उन्होंने बीजेपी ज्वायन कर लिया और हम वो इस पार्टी के बड़े कद्दावर नेता बन बैठे हैं।

सौमित्र खान के इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने बीजेपी पर कटाक्ष किया है। कुणाल घोष ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘बीजेपी से जलने जैसी गंध आती है। दम घुटने का अहसास…युवा नेता से बाहुबली, नेता से डॉक्टर बाबू, भारी उदास मन और असली बीजेपी? इसे संग्रहालय में एक अलग गैलरी में स्मृति चिन्ह के रूप में रखें। शपथ देखकर कई नहीं भटकते !!’’

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