दिलीप कुमार के निधन पर बीजेपी नेता का कमेंट, उर्मिला बोलीं- शर्म करो

नई दिल्ली,

बॉलीवुड एक्ट्रेस और पॉलिटिशियन उर्मिला मातोंडकर ने बीजेपी नेता अरुण यादव के बयान की आलोचना की है. हाल ही में लेजेंडरी एक्टर दिलीप कुमार के निधन पर देशभर के फैंस, बॉलीवुड हस्तियों और राजनीति से जुड़े लोगों ने दुख जताया. ऐसे में अरुण यादव ने कहा था कि दिलीप कुमार ने एक्‍टर के तौर पर पैसे कमाने के लिए हिंदू नाम का इस्‍तेमाल किया.

नेता ने तंज करते हुए लिखा ट्वीट
हरियाणा बीजेपी आईटी सेल और सोशल मीडिया हेड अरुण यादव, दिलीप कुमार के लिए अपने शोक संदेश की वजह से चर्चा में हैं. उन्‍होंने दिलीप कुमार को लेकर ट्वीट किया, ‘फिल्मी जगत में हिन्दू नाम रखकर पैसा कमाने वाले मोहम्मद यूसुफ खान (दिलीप कुमार) का निधन भारतीय फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. शोक संतप्त परिवार के प्रति गहन संवेदना. दिवंगत आत्मा को शांति दे भगवान. भावभीनी श्रद्धांजलि.’

उर्मिला मातोंडकर ने दिया जवाब
इस ट्वीट के जवाब में उर्मिला ने लिखा, ‘आपको शर्म आनी चाहिए.’ इसके साथ उन्‍होंने थंब डाउन वाली इमोजी यूज की. PTI से बातचीत में 47 साल की उर्मिला ने कहा, ‘यह देखना दुखद है कि कोई देश के एक लेजेंड को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने हिन्दू नाम पैसा कमाने के लिए रखा. लोगों को थोड़ी मर्यादा रखने की जरूरत है. उन्होंने (दिलीप कुमार) कई सारी सामाजिक रूप से प्रासंगिक फिल्‍मों में काम किया था.’

उर्मिला ने आगे कहा, ‘दिलीप कुमार फौजियों की विधवाओं की मदद की थी, जो करगिल युद्ध में शहीद हुए. इसके अलावा उन्‍होंने कई सारे सोशल वर्क किए हैं.’ उर्मिला ने अरुण यादव को ‘डबल स्‍टैंडर्ड’ वाला बताया, क्योंकि उन्होंने संवेदना जताने के आड़े दिलीप पर तंज कसा. उर्मिला ने कहा, ‘ऐसे लोगों की इस सोच की वजह से ही कई लोग लगातार सांप्रदायिक विभाजन करते हैं और सोचते हैं यह सही है.’

उर्मिला ने यादव को लेकर आगे कहा, ‘उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए. उन्हें अपनी जानकारी को ठीक करने की जरूरत है. उर्मिला के मुताबिक, ‘दिलीप कुमार धर्म से परे थे. कई मुसलमान हैं जिन्‍होंने हिंदू नाम रखा और कई हिन्दू ने मुस्लिम नाम रखे, तो क्‍या इससे हम कुछ कम हो गए? सच यह होना चाहिए कि आप कितने भारतीय हैं. दिलीप कुमार सच्चे भारतीय थे.’

ऐसी दिलीप कुमार बने थे युसूफ खान
बता दें कि दिलीप कुमार का जन्म पाकिस्तान के पेशावर में 11 दिसंबर 1922 को हुआ था. उनका असली नाम मोहम्मद युसूफ खान था. 1944 में दिलीप कुमार ने फिल्म ज्वार भाटा से अपना फिल्मी डेब्यू किया था. उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह एक्टिंग करें. ऐसे में पिता को बिना बताए युसूफ खान एक्टर बनने बॉम्बे चले आए थे. बॉम्बे टाल्कीज की हेड रहीं देविका रानी ने उन्हें फिल्मों में मौका दिया था और उनका स्क्रीन नाम दिलीप कुमार रखा था. इसकी वजह से वह पिता से मार खाने से भी बच गए थे.

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