आज और बढ़ गईं कोरोना से मौतें, बज रही खतरे की घंटी, क्या आ रही तीसरी लहर?

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई मंत्रिपरिषद की पहली मीटिंग में कोविड-19 महामारी को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस हमारे बीच से गया नहीं है, इसलिए किसी तरह की ढिलाई खतरनाक हो सकती है। अगर कोविड से जुड़े आंकड़ों पर गौर करें तो प्रधानमंत्री की यह चिंता जायज ही दिखती है। 3 जुलाई के बाद आज फिर मौत का आंकड़ा 900 के पार पहुंच गया है। 3 जुलाई को 955 लोगों ने कोविड से दम तोड़ा था। इसके 6 दिन बाद कोरोना के कारण बीते 24 घंटे में 911 लोगों ने दम तोड़ दिया। 8 जुलाई को ये आंकड़ा 817 था।

क्या यह तीसरी लहर का संकेत है?
हालांकि, 9 मई को कोविड की दूसरी लहर का पीक खत्म होने के बाद से दैनिक कोरोना केस में कमी आ रही है, लेकिन यह भी सच है कि कोरोना के ग्राफ में गिरावट अब थमती नजर आ रही है। चिंता की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से पॉजिटिविटी रेट और दैनिक केस में, मामूली ही सही, वृद्धि हो रही है। फिर भी जब तक सात दिनों का दैनिक नए कोरोना केस का औसत तेजी से न बढ़ने लगे, तब तक इसे कोविड की तीसरी लहर का संकेत नहीं माना जा सकता है।

ऐक्टिव और डेली केस में बढ़ोतरी
24 जून को दैनिक नए मामलों के सात दिनों का औसत 53,123 था जबकि जबकि दैनिक सक्रिय मामलों के सात दिनों का औसत 6,83,544 था। दो हफ्ते बाद 7 जुलाई को इन आंकड़ों में कमी आई और ये क्रमशः 42,547 और 4,86,415 हो गए जो दूसरी लहर की पीक के बाद सबसे कम थे। इससे पता चलता है कि देश में कोरोना का ग्राफ गिर रहा है। लेकिन, इन आंकड़ों से बहु खुश नहीं हुआ जा सकता है। 2 जून को नए दैनिक कोरोना केस का सात दिनों का औसत 6.7% प्रति दिन की दर से घट रहा था जबकि 7 जुलाई को यह दर घटकर सिर्फ 0.96% पर आ गई। ऐक्टिव केस में गिरावट की दर भी 2 जून को 5.23% के मुकाबले 7 जुलाई को 1.8% तक सिमट गई।

55 दिनों के बाद बजा अलार्म
दरअसल, गुरुवार को 55 दिनों के बाद देश में ऐक्टिव केस और नए मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। उस दिन ऐक्टिव केस 4,60,704 हो गए जबकि कुल 45,892 नए मरीज सामने आए। उस दिन 817 मरीजों ने दम भी तोड़ दिया था। हालांकि, आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन ये हमें चौकन्ना करने के लिए काफी हैं। खास बात यह है कि 55 दिनों के बाद ऐक्टिव केस और नए मरीजों की संख्या में वृद्धि के पीछे केरल का बड़ा हाथ है। वहां करीब एक महीन से 11 हजार से 13 हजार दैनिक नए केस आ रहे हैं। केरल को छोड़ दें तो देश के बाकी सभी बड़े राज्यों में कोरोना की हालत सुधर रही है।

केरल का राष्ट्रीय आंकड़ों पर असर
केरल में गुरुवार को कोविड-19 के 13,772 नए मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 30.25 लाख हो गई जबकि 142 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की तादाद 14,250 पहुंच गई। राज्य में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 1,10,136 हो गई है। नए मामलों में मलाप्पुरम में सर्वाधिक 1981 नए मरीज मिले। इसके बाद कोझिकोड में 1708, त्रिशूर में 1403 जबकि एर्नाकुलम में संक्रमण के 1323 नये मामले सामने आए। राज्य में संक्रमण की दर 10.83 प्रतिशत हो गई है।

63 जिलों में बढ़े केस
अगर जिला स्तर पर कोरोना के आकंड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि कुल 63 जिलों में 20 जून से 6 जुलाई के बीच सात दिनों के औसत नए कोरोना केस में वृद्धि हुई है। इन 63 में 36 जिले आठ पूर्वोत्तर राज्यों के हैं जबकि 18 जिले केरल, महाराष्ट्र और ओडिशा के हैं। लेकिन, पिछले दो हफ्तों में इन राज्यों से इतर के भी कुछ जिलों में नए केस बढ़ रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में 11 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में पॉजिटिविटी रेट बढ़े हैं। 7 जुलाई को चार राज्यों में सात दिनों का औसत पॉजिटिविटी रेट 10% से ज्यादा मिले जबकि अन्य चार में यह दर 5 से 10 प्रतिशत पाई गई। पॉजिटिविटी रेट में वृद्धि का मतलब है कि नए केस की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

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