राम मंदिर ट्रस्ट में फेरबदल की अटकलें: बोले दिग्विजय- RSS का कब्जा, साधु-संत किनारे

अयोध्या

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य में जुटे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन खरीद में लगातार गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। इस बीच कुछ हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ट्रस्ट में जल्द ही आमूलचूल बदलाव किए जा सकते हैं। इनमें यह भी कहा गया कि ट्स्ट के महासचिव चंपत राय को संघ ने चित्रकूट भी तलब किया गया है और नई जमीन की खरीद पर रोक लग गई है। इन खबरों के सामने आते ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा और संघ पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि सनातन धर्म के साधू-संत और महंत किनारे लगा दिए गए हैं।

क्या बोले दिग्विजय सिंह?: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा, “भाजपा-संघ-विहिप का चाल चरित्र चेहरा एक है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र पर पूरा क़ब्ज़ा संघ का है। सारे सनातन धर्म के साधू संत महंत किनारे कर दिए गए हैं। संघ को चाहिए चंदा और उनके लिए ‘धर्म’ के प्रति आस्था में चंदा उगाने का स्वर्णिम अवसर है।”

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब दिग्विजय सिंह ने राम जन्मभूमि जमीन खरीद में हुए कथित घोटाले को लेकर संघ और भाजपा पर निशाना साधा हो। इससे पहले उन्होंने एक ट्वीट में राम मंदिर के मुद्दे को किसान आंदोलन से जोड़ते हुए ट्वीट किया था- “कोई ‘अन्न’ उगाकर देशद्रोही हो जाता है, तो कोई ‘चंदा खाकर’ भी राष्ट्रभक्त। वाह मोदी जी वाह!!”

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लेन-देन से दूर हो सकते हैं चंपत राय?: हाल ही में जो मीडिया रिपोर्ट्स आई हैं, उनके मुताबिक, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को चित्रकूट तलब किया था। इसमें कहा गया था कि जमीन सौदों में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम सबसे ज्यादा उछला था, इसलिए संघ उन्हें ट्रस्ट से दूर करने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा ट्रस्ट की किसी नई जमीन खरीद पर भी रोक लगा दी गई और चंपत राय को राम मंदिर निर्माण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कहा गया है।

ट्रस्ट से दूर किए जा सकते हैं चंपत राय-अनिल मिश्रा: एक अन्य रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि जमीन खरीद पर विवाद के बाद अब आर्थिक और कानूनी सलाहकार समितियां गठित की जाएंगी। सूत्रों के मुताबिक ये समितियां लेनदेन पर नजर रखेंगी। गौरतलब है कि राम मंदिर के लिए जमीन खरीद पर सवाल उठाने वालों में आप नेता संजय सिंह सबसे आगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के लिए जमीन खरीद में जबरदस्त धांधली हुई और एक के बाद एक रजिस्ट्री में दो करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ तक में बिक गई। उन्होंने इसके साथ कुछ और जमीन सौदों पर भी सवाल उठाए थे और अयोध्या में भाजपा के मेयर के रिश्तेदारों पर जमीन सौदों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

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