इमरान के गढ़ में पाक सेना को बड़ा झटका, आतंकी हमले में 11 सैनिकों की मौत, कई बंधक!

इस्लामाबाद

पाकिस्तान के पाले हुए आतंकी अब उसी को बड़ा जख्म दे रहे हैं। इमरान खान के गृह राज्य खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी हमले में पाकिस्तानी सेना के 11 जवानों के मारे जाने की खबर है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों ने कई लोगों को बंधक भी बनाया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के जवान भी शामिल हैं। हालांकि, पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग डीजी आईएसपीआर ने केवल दो सैनिकों के मौत की ही पुष्टि की है।

पाकिस्तानी सेना ने दिया यह बयान
आईएसपीआर की बयान में बताया गया है कि पाकिस्तानी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। जिसमें तीन आतंकी मारे गए, जबकि पाकिस्तानी सेना का एक कैप्टन अब्दुल बासित और सिपाही हजरत बिलाल की मौत हो गई।

इलाके में अब भी सेना का ऑपरेशन जारी
पाकिस्तानी सेना ने इलाके में मौजूद दूसरे आतंकियों के खात्मे के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया है। पिछले महीने इसी राज्य के जिला होशब के शापक के पास एम-8 पर आतंकियों के हमले में फ्रंटियर कोर बलूचिस्तान का एक जवान मारा गया था। इसके अलावा 25 जून को बलूचिस्तान के सिबी में आतंकवादियों के हमले में फ्रंटियर कोर के पांच जवानों की मौत हुई थी।

जुलाई के पहले हफ्ते में आतंकियों ने मारे थे पांच जवान
जुलाई के शुरुआत में ही आतंकियों ने दो हमलों में पाकिस्तानी सेना के पांच जवानों को मार गिराया था। पहला हमला अफगानिस्तान के अंदर से आतंकवादियों ने उत्तरी वजीरिस्तान कबायली जिले के द्वातोई इलाके में एक सैन्य चौकी पर किया था। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के दो जवान 43 साल के हवलदार सलीम और 35 साल के लांस नायक परवेज मारे गए थे। जबकि दूसरा हमला, दक्षिण वजीरिस्तान कबायली जिले के तिआर्जा तहसील के न्यू कला में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर किया गया था। इस हमले में तीन जवान मारे गए थे जबकि कई अन्य घायल हो गए थे।

पाकिस्तान ने आतंकवाद के लिए अफगानिस्तान की निंदा की
इस्लामाबाद लगातार काबुल से अपनी तरफ प्रभावी सीमा नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए कहता रहा है। दिखावे के लिए पाकिस्तान ने कहा कि वह आतंकवादी गतिविधियों के लिए अफगानिस्तान की धरती के लगातार इस्तेमाल की कड़ी निंदा करता है। जबकि, पूरी दुनिया यह सच्चाई जानती है कि अफगानिस्तान के आतंकियों को पालने-पोसने में पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है।

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