डेली कोरोना केस में 7 हजार से ज्यादा का उछाल, क्या सच हो जाएगा तीसरी लहर का डर?

नई दिल्ली

देश में 118 दिनों के बाद सबसे कम नए डेली कोरोना केस आने के अगले दिन ही इसमें 7,000 का उछाल आ गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को 38,792 नए कोविड-19 मरीज सामने आए। मंत्रालय ने मंगलवार को बताया था कि सोमवार को 31,443 नए कोरोना केस आए थे जो बीते 118 दिनों में सबसे कम रहे। हालांकि, अगले ही दिन दैनिक नए केस में 7,349 यानी 23.37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हम कोरोना की तीसरी लहर से नहीं बच पाएंगे?

अब तक कोरोना से 4.11 लाख से ज्यादा मौतें
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज बताया कि देश में 38,792 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 3,09,46,074 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटों में 624 नई कोविड मरीजों की मौत हो गई। इस कारण, महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 4,11,408 पर पहुंच गई। हालांकि, मंगलवार को 41,000 भर्ती मर्जी डिस्चार्ज भी हो गए।

इस तरह, अब तक कोरोना से ठीक हुए लोगों की कुल संख्या 3,01,04,720 हो गई है जबकि कुल 4,29,946 मरीज अब भी विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। सरकार ने बताया कि देश में पिछले 24 घंटे मेंकोरोना वायरस की 37,14,441 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 38,76,97,935 तक पहुंच चुका है।

सोमवार को बना था 118 दिनों का रिकॉर्ड
मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों में कहा गया था कि देश में पिछले 24 घंटों में यानी सोमवार को कोविड-19 संक्रमण से एक दिन में 2,020 मरीजों की मौत हो गई। हालांकि, मृतकों की संख्या में इतनी बड़ी उछाल की वजह मध्य प्रदेश में महामारी से मरने वालों के आंकड़ों का नए सिरे से मिलान किया जाना बताया गया। प्रदेश से कल 1,400 से ज्यादा मरीजों की मौत का आंकड़ा आया था। मंगलवार को देश में 118 दिन बाद संक्रमण के सबसे कम 31,443 नए मामले सामने आए थे।

तीसरी लहर का डर
देश के पूर्वोत्तर राज्यों के 63 जिलों से कोरोना केस औसतन ज्यादा आने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पूर्वोत्तर के राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मंगलवार को ही बैठक की और उन्हें उचित दिशा-निर्देश दिए। इधर, कोविड पर नियंत्रण बनाए रखने के मकसद से ही उत्तराखंड सरकार ने भी लगातार दूसरे साल कांवड़ यात्रा पर पाबंदी लगाने का फैसला कर लिया। दरअसल, एक्सपर्ट्स बार-बार कह रहे हैं कि अगर संयम नहीं बरते गए और भीड़भाड़ बढ़ी तो कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर आ जाएगी।

देश में कैसे बढ़ा कोरोना
बहरहाल, देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवम्बर को 90 लाख के पार हो गए। देश में 19 दिसम्बर को ये मामले एक करोड़ के पार, चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।

About bheldn

Check Also

राहुल गांधी ही नहीं प्रियंका भी हुई थीं पेगासस जासूसी का शिकार, इजरायली अखबार का बड़ा दावा

तेल अवीव पेगासस जासूसी कांड को लेकर इजरायली मीडिया ने बड़ा खुलासा किया है। इजरायल …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *