शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली दारू पीने से 16 की मौत, लालू यादव ने नीतीश को घेरा

चम्पारण

बिहार के एक सुदूर गांव में दो दिनों में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है और संदेह है कि प्रदेश में यह घटना जहरीली शराब के कारण हुई है। गौरतलब है कि राज्य में पिछले छह वर्षों से शराबबंदी है। पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान के अनुसार, मृतकों में से सिर्फ चार लोगों के परिजन ने मौत से पहले उनके शराब पीने की पुष्टि की है।

परिवार वालों की ओर से दिए गए दस्तावेजों के अनुसार, दो लोगों की मौत का कारण बीमारी प्रतीत होता है, जबकि बाकी 10 लोगों के परिजन ने उनकी मौत के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा है। सभी मौतें लौरिया थाना क्षेत्र के देउरवा गांव में हुई हैं। आठ लोगों की मौत बृहस्पतिवार को हुई और शुक्रवार को भी इतने ही लोगों की मौत हुई। संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद बीमार हुए 36 वर्षीय मुमताज मियां के रिश्तेदार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अवैध शराब व्यापार में शामिल ठग साह के बेटे सुमित (22) सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मियां का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार सरकार द्वारा अप्रैल, 2016 से ही राज्य में शराब की बिक्री और सेवन दोनों पर पाबंदी लगा दी गयी थी। प्रशासन द्वारा जारी बयान के अनुसार, जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने गांव के लोगों से इस मामले में बिना डरे सूचनाएं साझा करने का अनुरोध किया है।

बताया जा रहा है कि पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने पुलिस कार्रवाई के डर से चुपचाप शवों को दफना दिया और उनका अंतिम संस्कार कर दिया, क्योंकि अप्रैल 2016 से राज्य में शराब का सेवन, उत्पादन और व्यापार प्रतिबंधित है।

जिला मजिस्ट्रेट कुंदन कुमार ने कहा,“हमें बताया गया है कि पिछले दो से तीन दिनों में आठ लोगों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। न तो उनके परिवार और न ही ग्रामीणों ने शराब के सेवन का उल्लेख किया है। ”

इस बीच, पुलिस ने मरने वालों के परिवार के सदस्यों सहित लगभग 40 लोगों के बयान लिए, लेकिन इन सभी ने शराब के सेवन से इनकार किया है। प्रशासन 14 मौतों को शराब के जहर के संभावित मामलों के रूप में मान रहा है। इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच की जा रही है।

इस घटना पर विपक्षी राजद की ओर से पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार सरकार की खिंचाई की। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने ट्विटर पर कहा, “बिहार में सुशासन के तहत हर साल हजारों लोग नकली शराब से मर रहे हैं। शराबबंदी की आड़ में सत्ताधारी पार्टी के लोग बिहार में 20,000 करोड़ रुपये की समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था चला रहे हैं। शराबबंदी के नाम पर लाखों दलित और गरीब जेलों में बंद हैं। पुलिस भ्रष्ट और अत्याचारी हो गई है।”

About bheldn

Check Also

यूपी चुनाव : तीसरी सूची के वो ‘दलबदलू’, जिन्हें बीजेपी ने इस बार दिया है टिकट

नई दिल्ली, चुनावी मौसम में नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में पलायन होता …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *