WHO ने कहा- लकी रहे तो 2022 में कंट्रोल हो जाएगा कोरोना’, इस गलती से बढ़ेगी मुश्किल

नई दिल्ली,

कोरोना के नए डेल्टा वेरिएंट दुनियाभर के देशों की चिंता बढ़ा रखी है. इसी बीच WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने सोमवार को कहा कि अगर वास्तव में भाग्यशाली हैं तो अगले साल तक कोरोना का संकट हमारे सिर से टल सकता है. WHO के अधिकारियों ने ये भी कहा कि अगर वैश्विक स्तर के नेता चाहें तो महामारी पर काबू पाया जा सकता है.

WHO के हेल्थ इमरजेंसी प्रोग्राम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉक्टर माइक रियान ने कहा, ‘मुझे ये कहना अच्छा लगेगा कि इस साल महामारी का अंत हो जाएगा, लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होने वाला है. हम बेहद भाग्यशाली होंगे अगर साल 2022 तक मौजूदा महामारी को कंट्रोल कर लें.’

डॉ. रियान ने कहा, ‘अगर हम गरीब देशों में पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध करवाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें और अस्पतालों को मदद पहुंचाएं तो महामारी का ये दौर निश्चित ही समाप्त हो जाएगा.’ उन्होंने बताया कि हाई वैक्सीनेशन रेट वाले जल्दी ही महामारी के चुंगल से आजाद हो सकते हैं.

क्यों बढ़ सकती है मुश्किल- डॉ रियान ने दुनियाभर के नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि वे अपने वैक्सीन स्टॉक को गरीब देशों के साथ साझा नहीं करना चाहते हैं. कोविड टेक्निकल लीड मारिया वैन करखोवे के बेटे के एक सवाल का जवाब देते हुए रियान ने कहा कि बच्चों को भी अपने देश की सरकार से ये पूछना चाहिए कि वे अपना वैक्सीन स्टॉक शेयर क्यों नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम गरीब देशों को पर्याप्त वैक्सीन नहीं दे रहे हैं. हम निष्पक्ष नहीं हैं.इस विषय पर वैन करखोवे ने कहा, ‘दुनियाभर के देशों में अभी भी कोविड-19 के मामले बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं. बीते एक सप्ताह में वैश्विक स्तर पर 11.5 प्रतिशत मामलों में वृद्धि हुई है. जबकि मौत के मामले 1 प्रतिशत ज्यादा हुए हैं.’

पिछले एक सप्ताह में WHO के छह में से चार क्षेत्रों में मौत के मामलों बढ़े हैं. पश्चिमी प्रशांत में पहले की तुलना 10 फीसद ज्यादा मौतें हुई हैं. जबकि साउथ-ईस्ट एशिया में मौत का ग्राफ 12 प्रतिशत बढ़ गया है. पूर्वी भूमध्यसागर में 4 फीसद ज्यादा मौतें हुई हैं. जबकि अफ्रीकी महाद्वीप अभी भी घातक ट्रांसमिशन से जूझ रहा है.

WHO के अधिकारियों के मुताबिक, जहां भी कोरोना इंफेक्शन वैक्सीन प्रोटेक्शन को तोड़ने में कामयाब दिख रहा है, वहां माइल्ड केस बहुत ज्यादा नजर आ रहे हैं. दूसरा, कोरोना के नए वेरिएंट्स से मामलों मे तेजी आने की संभावना अभी भी बनी हुई है.वैन करखोवे ने कहा, ‘डेल्टा स्ट्रेन आखिरी ‘वेरिएंट ऑफ कन्सर्न’ नहीं होगा, जिसके बारे में आप अक्सर हमें बातें करते सुनते हैं.’ डेल्टा के बाद भी कई नए वेरिएंट सामने आ सकते हैं, जो हमारी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा सकते हैं.

एक्सपर्ट ने कहा कि पूरी दुनिया में लोग जितनी देर तक वैक्सीन लेने से बचेंगे, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करेंगे, खतरनाक वेरिएंट के उभरने की संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी. WHO ने कहा कि बहुत जरूरत पड़ने पर ही इंटरनेशनल ट्रैवल होना चाहिए.डॉ. रियान ने अंत में कहा कि महामारी के दौर में आप जो कुछ भी करते हैं वो या तो खतरे को बढ़ाएगा या कम करेगा. यहां जीरो रिस्क जैसा कुछ नहीं है. हमें इस जोखिम को कम करने के बारे में सोचना चाहिए.

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