2024 का प्लान तैयार कर रहीं ममता? विपक्ष को साथ लेकर मोदी सरकार से छीनेंगी सत्ता?

कोलकाता

पश्चिम बंगाल में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की शानदार जीत से उत्साहित है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्षी एकता का आह्वान किया है।तृणमूल प्रमुख, जो अपने करियर के सबसे कठिन चुनावों में से एक को जीतने के बाद सबसे मजबूत विपक्षी चेहरे के रूप में उभरी हैं, जाहिर तौर पर राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी भूमिका निभाने की कोशिश करती नजर आ रही हैं।

तीन भाषाओं ममता ने दिया था भाषण
इस सप्ताह की शुरुआत में पार्टी की ‘शहीद दिवस रैली’ में उन्होंने अपना वार्षिक संबोधन हिंदी, अंग्रेजी और बंगाली में दिया था। इस दौरान बनर्जी ने विपक्षी नेताओं से मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के वास्ते एकजुट होने और ‘गठबंधन’ के गठन की दिशा में काम शुरू करने के लिए कहा था।

बीजेपी के खिलाफ गठबंधन बनाना चाहती हैं ममता?
तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ‘कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि ममता बनर्जी विपक्षी राजनीति के केंद्र के रूप में उभरी हैं। यदि आप उनके भाषण को देखते हैं, तो आपको पता चलेगा कि वह बीजेपी विरोधी वोटों को एकत्र करना चाहती हैं और बीजेपी के खिलाफ लोगों का गठबंधन बनाना चाहती हैं।’

विपक्षी एकता का किया गया आह्वान
तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि बनर्जी ने 2014 और 2019 के अपने अनुभवों को देखते हुए विपक्षी एकता का आह्वान किया है, जब विपक्षी खेमे में नेतृत्व, एकता और समन्वय की कमी ने बीजेपी को सत्ता में आने में मदद की थी।

उन्होंने कहा, ‘2014 और 2019 के दौरान, एक संयुक्त मोर्चा बनाने के प्रयास कारगर नहीं हुए क्योंकि चुनाव से कुछ महीने पहले इसकी पहल की गई थी। इससे मतदाताओं में स्वीकृति की भावना पैदा नहीं हुई। इस बार, हम चाहते हैं सभी मतभेदों को दूर करें और प्रक्रिया को समय से पहले शुरू करें।’

बीजेपी विरोधी मोर्चा बनाना चाहती है टीएमसी
हालांकि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व एक मजबूत बीजेपी विरोधी मोर्चा बनाने के लिए आशान्वित है लेकिन उनके खेमे के लिए सभी विपक्षी दलों को अपने राजनीतिक मतभेदों को दूर करने और साझा हित पर काम करने के लिए राजी करना एक कठिन काम होगा।

प्रशांत किशोर के आने से ममता को फायदा
हालांकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के पास चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर हैं, जो उनके लिए बहुत फायदेमंद हैं। किशोर ने हाल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी।

क्या है ममता बनर्जी का प्लान?
इस बीच राजनीतिक विश्लेषक विश्वनाथ चक्रवर्ती के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस विभिन्न दलों के नेताओं के साथ किशोर के तालमेल का फायदा उठाकर उन्हें मेज पर ला सकती है। उन्होंने कहा, ‘2019 में विपक्षी दलों की सबसे बड़ी कमी जो निकली, वह थी बीजेपी के अभियान का मुकाबला करने के लिए एक साझा रणनीति का अभाव। तृणमूल कांग्रेस की ओर से प्रशांत किशोर जैसे चुनावी रणनीतिकारों के साथ, बनर्जी के लिए उन सभी को एक मंच पर लाना तुलनात्मक रूप से आसान होगा।’

बीजेपी के विजयी रथ को रोक सकती हैं ममता?
राजनीतिक विश्लेषक विश्वनाथ चक्रवर्ती ने कहा, ‘बंगाल चुनावों को लेकर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ‘मोदी बनाम ममता की लड़ाई’ के रूप में पेश करके देशव्यापी मीडिया प्रचार ने केवल तृणमूल कांग्रेस प्रमुख को खुद को ऐसे नेता के रूप में स्थापित करने में मदद की है जो 2014 से चले आ रहे बीजेपी के विजयी रथ को रोक सकती है।’राजनीतिक विश्लेषक सुमन भट्टाचार्य ने कहा कि ‘मोदी सरकार की लोकप्रियता अब तक के सबसे निचले स्तर पर है’ और विपक्षी खेमे को इस समय का अधिकतम लाभ उठाने की आवश्यकता है।

क्या बोले कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी को भी लगता है कि अगर उनकी पार्टी ने उन्हें समर्थन नहीं दिया तो किसी भी गठबंधन की, बीजेपी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीयता नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘अगर कोई सोचता है कि वह कांग्रेस को विश्वास में लिए बिना बीजेपी को हरा सकता है, तो वह व्यक्ति दिन में सपने देख रह रहा है।’

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