रायगढ़-चिपलून में बाढ़ से तबाही, 3 दिन भारी बरसात का अलर्ट

नई दिल्ली,

महाराष्ट्र में मूसलाधार आफत बरसी है. विदर्भ के इलाकों में त्राहिमाम मचा हुआ है. वहीं, रत्नागिरी, रायगढ़ और चिपलून समेत कई जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.रत्नागिरी, ठाणे, कोल्हापुर, नागपुर, अकोला, सतारा, नासिक में तो मानो आफत बरसी है. कई शहरों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को उतारना पड़ा है. रिहाइशी इलाकों में नाव चलने की तस्वीरें आ रही हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए कल पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात कर सूबे को हर संभव केंद्रीय मदद मुहैया कराने का भरोसा दिलाया है.

महाराष्ट्र के चिपलून में आई प्रलय
महाराष्ट्र के रत्नागिरी में बेहिसाब बरसे पानी ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है. रत्नागिरी के चिपलून में इतना पानी बरसा है कि कारें डूब गई हैं, बसें डूब गई हैं. आलम ये है कि घरों की पहली मंजिल तक पानी पहुंच गया है. जहां तक नजर जाए यहां सिर्फ पानी ही पानी नजर आता है. पानी ने रास्तों को बंद कर दिया है, सड़कें बह गई हैं, हालात बद से बदतर हैं. यहां कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ की दो टीमें लोगों के रेस्क्यू में लगी हुई हैं.

चिपलून को दक्षिण कोंकण का बिजनेस हब माना जाता है. रत्नागिरी जिले में आने वाले चिपलून से सटे खेड और मंगोन जैसे इलाके भी बाढ़ से डूबे हैं. करीब 27 गांवों का संपर्क बाहर से टूट गया है. वहीं, सातारा शहर में भयंकर बारिश की वजह से हाईवे ही बाढ़ में समा गए हैं. सातारा के महाबलेश्वर हिल स्टेशन पर 480 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है. जो पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा है.
भारी बारिश के बाद लबालब हुए महाराष्ट्र के इलाके

महाबलेश्वर का सातारा से संपर्क टूटा
महाबलेश्वर का सातारा से संपर्क टूट गया है क्योंकि दोनों को जोड़ने वाला रास्ता पूरा बह गया है. मुसीबत ये है कि इस मौसम में काफी पर्यटक महाबलेश्वर की बारिश को देखने के लिए आए थे, जो यहां फंस गए हैं. रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है.

महाराष्ट्र में रत्नागिरी के ही सिंधुदुर्ग में बरसात का पानी दरिया बनकर बह रहा है. पूरा इलाका पानी-पानी हो गया है. लोग कमर तक पानी में आने-जाने के लिए मजबूर हैं.

सिंधु दुर्ग के इस पूरे इलाके में बाढ़ जैसा मंजर है. महाराष्ट्र के अकोला में भी मूसलाधार मुसीबत बरसी है. महज तीन से चार घंटे की बरसात ने जिले के सभी नदी नालों को लबालब भर दिया. बेहिसाब बरसात और बाढ़ से यहां 2000 घरों को नुकसान पहुंचा है.

अकोला में घर छोड़ने पर मजबूर लोग
अकोला शहर को भी इस बारिश ने बेहाल कर दिया है. अकोला में रास्ते दरिया बन गए हैं. रात भर की बारिश से डरे लोग अपने घरों को छोड़ने लगे. यहां के निवासी रमेश पाटील मजदूरी करते हैं, उनके घर का सारा सामान बह गया है, उन्होंने जान बचाने के लिए एक स्कूल में आसरा लिया है.

बारिश की वजह से सेंट्रल रेलवे नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है. ठाणे, नासिक, पुणे, कोल्हापुर में रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से ट्रेनें रोकनी पड़ी हैं. टिटवाला और इगातपुरी व अंबरनाथ और लोनावला सेक्शन के बीच ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है.Live TV

About bheldn

Check Also

‘साबित हो गया! चौकीदार ही जासूस है’, Pegasus को लेकर खुलासे पर कांग्रेस हमलावर

नई दिल्ली, जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस डील पर न्यूयॉर्क टाइम्स की नई रिपोर्ट ने कड़ाके की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *