खोरी गांव से अवैध कब्जा हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते और दिए

नई दिल्ली

हरियाणा के अरावली फॉरेस्ट भूमि इलाके में स्थित खोरी गांव में अवैध रूप से बनाए गए मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते का और वक्त दे दिया है। फरीदाबाद म्युनिसिपिल कॉरपोरेशन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 150 एकड़ इलाके में अवैध कंस्ट्रक्शन है और करीब आधा इलाका साफ किया जा चुका है। उन्हें बाकी अतिक्रमण हटाने के लिए और वक्त दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते का वक्त दिया है ताकि अतिक्रमण हटाया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि फॉरेस्ट जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया जाए और उसमें कोई लेकिन किंतु-परंतु नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सिविक एजेंसी को इसके लिए चार हफ्ते का और वक्त दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर की अगुवाई वाली बेंच को फरीदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के वकील ने कहा कि अवैध कंस्ट्रक्शन को हटाने के लिए एक योजना के तहत कार्रवाई की जा रही है। सिविक बॉडी ने 150 एकड़ में से 74 एकड़ खाली करा लिया है।

सिविक बॉडी की ओर से कहा गया कि पूरा अतिक्रमण हटाने के लिए उन्हें तीन हफ्ते का और वक्त लग जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो काम है वह भारी भरकम है और ऐसे में हम सिविक एजेंसी के आग्रह को स्वीकार करते हैं और उन्हें चार हफ्ते का और वक्त दिया जाता है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करें और अतिक्रमण हटाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने 7 जून को फरीदाबाद नगर निगम को निर्दश दिया था कि वह खोरी गांव में वन जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी अतिक्रमण को छह हफ्ते में हटाया जाए। वहां करीब 10 हजार रिहायशी कंस्ट्रक्शन हैं जिसे हटाने का निर्देश जारी किया गया है। फॉरेस्ट लैंड पर हुए कब्जे को हटाने और छह महीने में अमल रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था।

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