उत्तराखंड:बारिश के बाद 194 सड़कों पर यातायात ठप, जगह-जगह फंसे यात्री

देहरादून.

उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश की वजह से अलग अलग जिलों में कुल 194 सड़कें बंद हो गई हैं। इस वजह से राज्य के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश की वजह से सड़क खोलने के काम में बाधा आ रही है जिससे बहुत कम सड़कें खोलने में कामयाबी मिल रही है। राज्य में शनिवार तक कुल 236 सड़कें बंद थी। रविवार को हुई बारिश से 52 और सड़कें बंद हो गई। जिस वजह से कुल बंद सड़कों की संख्या 288 पहुंच गई। हालांकि विभाग की ओर से दिनभर प्रयास करने के बाद राज्य भर में 94 सड़कों को ही खोला जा सका।

इसके बाद अब राज्य में 194 सड़कें बंद रह गई हैं। लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि विभाग की कुल 85 सड़कें बंद हैं जबकि 109 सड़कें पीएमजीएसवाई की बंद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य भर में सड़कों को खोलने के लिए 330 जेसीबी और पोकलैंड मशीनों को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि कई सड़कें बड़ी मात्रा में टूट गई हैं इसलिए उन्हें खोलने में लम्बा वक्त लग रहा है। चिंता की बता है कि प्रदेश के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही बारिश से नोडल एजेंसी को सड़क खोलने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

उत्तराखंड के पांच जिलों के लिए 26 और 27 के लिए कहीं कहीं अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में 29 जुलाई तक लगातार ऑरेंज अलर्ट किया गया है। अगले कुछ दिन राज्य के लिए संवेदनशील रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, पौडी, देहरादून जिले में अत्यंत भारी बारिश की संभवना है। बाकी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। 27 को पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, पौडी, देहरादून में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट रहेगा।

अन्य जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। 28 को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश, तीव्र बौछार होने की संभावना है। 29 को भी इन्हीं छह जिलों में कहीं कहीं भरी से बहुत भारी बारिश व तीव्र बौछार की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, संवेदनशील इलाकों मे चट्टान गिरने, भूस्खलन, सड़कों में मलबा आने, निचले इलाकों में जल भराव हो सकता है।

चम्पावत में पहाड़ी से बोल्डर गिरने से पोकलैंड हेल्पर की मौत
चम्पावत के सीम-लोडियालसेरा के पास संगड़ुना में रविवार सुबह सड़क कटान के दौरान पहाड़ी से बोल्डर गिरने से पोकलैंड हेल्पर की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए टनकपुर भेज दिया है। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। पोथ के ग्राम प्रधान सचिन बोहरा के अनुसार सीम से लोडियालसेरा मार्ग पर विधायक निधि से सड़क निर्माण चल रहा है। रविवार सुबह संगड़ुना नामक स्थान पर सड़क कटान के दौरान पहाड़ी से एक बोल्डर पोकलैंड के पास खड़े बागेश्वर निवासी 24 वर्षीय भाष्कर तिवारी पुत्र गोवर्धन तिवारी के ऊपर जा गिरा।

हादसे में भाष्कर की मौके पर ही मौत हो गई। टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) सड़क खराब होने के कारण देर शाम तक मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए टनकपुर नहीं पहुंचाया जा सका। बताया जा रहा है कि भाष्कर वर्तमान में हल्द्वानी में बरेली रोड के पुरानी आईटीआई के पास रहता था। टनकपुर एसओ जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि सड़क कटान के दौरान एक पोकलैंड हेल्पर के मौत की सूचना मिली है।

About bheldn

Check Also

चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू , सुनील जाखड़ में कौन होगा CM उम्मीदवार?

पंजाब में 20 फरवरी को मतदान होगा। सभी पार्टियों जोर-शोर से तैयारियों में जुटी हुई …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *