साइकिल चलाकर कर्नाटक में खड़ी की बीजेपी, तब कोई नहीं था: येदियुरप्पा

बेंगलुरु

कर्नाटक की सियासत में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे कहे जाने वाले बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को सीएम के पद से इस्तीफा दे दिया। कहा जा रहा है कि अधिक आयु के चलते पार्टी हाईकमान ने उनका पद से इस्तीफा लिया है, लेकिन नए सीएम के चुनाव और राज्य में पार्टी की राजनीति में उनकी भूमिका बनी रहेगी। इस बीच इस्तीफे का ऐलान करते हुए बीएस येदियुरप्पा भावुक हो गए। अपनी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में येदियुरप्पा ने इस्तीफे का ऐलान किया और अपने पुराने दिनों को भी याद किया।

येदियुरप्पा ने राज्य में बीजेपी को खड़ा करने के अपने संघर्ष की भी लोगों को याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मैं अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा ही अग्निपरीक्षा दी है। दक्षिण भारत में पहली बार कमल खिलाने का श्रेय रखने वाले येदियुरप्पा ने कहा, ‘जब कारें नहीं हुआ करती थीं तो मुझे याद है कि कैसे दिन भर साइकिल चलाते थे और पार्टी के लिए काम करते थे। शिमोगा के शिकारीपुरा में कुछ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मैंने पार्टी को खड़ा किया, जब कोई नहीं होता था।’ उन्होंने कहा कि मेरा यह सपना था कि बीजेपी एक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी और होम मिनिस्टर अमित शाह की लीडरशिप में सत्ता में आए, जो पूरा हो गया है।

अटल जी बना रहे थे केंद्रीय मंत्री, पर मैंने कर्नाटक में रहना चुना
बीएस येदियुरप्पा ने भावुक अंदाज में कहा, ‘जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने मुझे केंद्र में मंत्री बनने को कहा था लेकिन मैंने कर्नाटक में रहना चुना।’ बता दें कि येदियुरप्पा ने रविवार को ही यह संकेत दे दिया था कि उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा था कि रविवार या फिर सोमवार तक यह फैसला हो जाएगा। अब उन्होंने कहा कि वह लंच के बाद राज्यपाल से मिलेंगे और सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे। बीते करीब एक महीने से येदियुरप्पा के पद से इस्तीफे के कयास लगाए जा रहे थे।

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