राहुल गांधी का वो ट्रैक्टर जब्‍त, कृषि मंत्री बोले- किसानों को यूं गुमराह न करें

नई दिल्‍ली

केंद्र के तीन कृषि कानूनों को लेकर सिसायत गरमा गई है। कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी सोमवार को ट्रैक्‍टर चलाकर संसद पहुंचे। बाद में इस ट्रैक्‍टर को पुलिस ने कब्‍जे में ले लिया। वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उन पर तीखा हमला किया। राहुल की समझ पर सवाल उठाए। आदतें बदलने की सीख देते हुए कहा कि इनके चलते ही वह कांग्रेस में भी सर्वमान्‍य नेता नहीं रहे हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को ट्रैक्‍टर चलाकर संसद आते देख हंगामा मच गया। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में वह ट्रैक्टर चलाकर संसद भवन परिसर के गेट तक पहुंचे। उन्‍होंने कहा कि केंद्र को इन तीनों कानूनों को वापस लेना होगा। उनके साथ मौजूद रहे कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया। जिस ट्रैक्‍टर पर वह संसद पहुंचे बाद में उसे पुलिस ने कब्‍जे में ले लिया।

क्‍या बोले कृषि मंत्री?
राहुल के इस ‘स्‍टंट’ पर कृषि मंत्री का तल्‍ख बयान आया। उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी को गांव, गरीब, किसान के बारे में कोई अनुभव और दर्द नहीं है। राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि जब आपने अपने घोषणापत्र में इन्हीं कानूनों को लाने के लिए कहा था तो आप उस समय झूठ बोल रहे थे या आज झूठ बोल रहे हैं।

नरेंद्र सिंह तोमर बोले, राहुल किसानों को गुमराह करने और देश में अराजकता का वातावरण बनाने की कोशिश न करें। उनकी इन्हीं आदतों और ऐसी हल्की समझ की वजह से ही वह कांग्रेस में भी सर्वमान्य नेता नहीं रहे।कृषि मंत्री ने कहा कि किसान यूनियन के पास कोई प्रस्ताव नहीं है। यही कारण है कि वे चर्चा करने के लिए नहीं आ रहे हैं। भारत सरकार किसान यूनियन के साथ चर्चा करने के लिए तैयार है। कानून के हर बिंदु पर हम उनके साथ बात कर सकते हैं।

हिरासत में लिए गए नेता रिहा
राहुल गांधी जो ट्रैक्टर चला रहे थे उस पर उनके साथ राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा, प्रताप सिंह बाजवा और पार्टी के कुछ अन्य सांसद बैठे थे। इस ट्रैक्टर के आगे एक बैनर भी लगा था जिस पर ‘किसान विरोधी तीनों काले कृषि कानून वापस लो – वापस लो’ लिखा हुआ था।

तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति समर्थन जताने वाले राहुल गांधी ने कहा, ‘सरकार के मुताबिक, आंदोलन कर रहे किसान आतंकवादी हैं। किसानों की बात नहीं सुनी जा रही है। दो-तीन बड़े उद्योगपतियों के लिए ये कानून लाए गए हैं। यह बात पूरा देश जानता है। इन कानूनों को वापस लेना पड़ेगा।’

बाद में उन्होंने ट्वीट किया, ‘अगर खेत बेचने पर मजबूर करोगे, तो ट्रैक्टर संसद में चलेगा- सत्य की फसल उगाकर रहेंगे! कृषि-विरोधी कानून वापस लो।’कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के साथ मौजूद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा, भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. और कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में इन्हें छोड़ दिया गया।

टाइमिंग है अहम
राहुल गांधी ऐसे समय पर कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर चलाकर संसद भवन परिसर के नजदीक पहुंचे, जब किसान जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली से लगे टिकरी बॉर्डर, सिंघू बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान पिछले साल नवंबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए। हालांकि, सरकार का कहना है कि ये कानून किसानों के हित में हैं। सरकार और प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच कई दौर की वार्ता हुई जो बेनतीजा रही है।

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