कोरोना की तीसरी लहर आ गई? 50 फीसदी मामले अकेले केरल से, केंद्र भेज रहा टीम

नई दिल्ली

कोरोना के केस एक बार फिर बढ़ने शुरू हुए हैं। पिछले 20 दिनों में सबसे ज्यादा केस पिछले 24 घंटे में सामने आए हैं। अब सवाल उठने लगा है कि कहीं यह कोरोना की तीसरी लहर की आहट तो नहीं है। देशभर में आ रहे कुल केस में से 50 फीसदी केस केरल से हैं। जहां कोरोना बढ़ते केस को देखकर जानकारों की चिंता बढ़ी है वहीं बीजेपी विपक्ष पर हमलावर हुई है। बीजेपी ने केरल सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार अपनी टीम केरल भेजेगी।

कोरोना की दूसरी लहर अभी गई नहीं है। केरल, महाराष्ट्र और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से कोरोना के ज्यादा मामले आ रहे हैं। दूसरी लहर पीक में पहुंचने के बाद कोरोना के मामले गिरने शुरू हुए थे, जिस तरह केस में कमी आ रही थी वह रफ्तार अब थम सी गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 43654 नए मामले आए।

हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक रोजाना 4 लाख मामलों से घटकर 2 लाख तक पहुंचने में 26 दिनों का वक्त लगा था। 2 लाख केस से 1 लाख तक आने में 11 दिन का वक्त लगा। रोज 1 लाख से रोज 50 हजार केस तक आने में 20 दिन लगे। लेकिन अब पिछले 31 दिनों से नए केस 30 से 40 हजार के बीच आ रहे हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक बुधवार को आए आंकड़ों में 80% मामले केरल, महाराष्ट्र और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से हैं। इसमें 50% केरल से हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा कि केस बढ़ने की अहम वजहों में 66 पर्सेंट आबादी का संक्रमण के जोखिम में होना, कंटेनमेंट स्ट्रैटजी पर कम ध्यान देना और ईद के मौके पर छूट जैसी वजहें शामिल हैं।

बीजेपी अब विपक्ष पर हमलावर हुई है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों के पीछे तुष्टीकरण की राजनीति जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जब देश में कोरोना के केस बढ़ रहे थे तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे थे और अब संसद सत्र चल रहा है तो राहुल गांधी किसी भी विषय पर चर्चा करने को तैयार नहीं हैं।

पात्रा ने कहा कहा कि आंकड़े देखें तो केरल के अंदर 22 हजार कोरोना केस एक दिन में आए हैं। ये बहुत ही चिंता का विषय है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर उत्‍तराखंड और यूपी सरकार ने गंभीरता दिखाई और यात्रा को रोक दिया। कांवड़ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो दिशा-निर्देश दिए उसका पालन किया गया। लेकिन बकरीद के दौरान केरल में तीन दिन की जो छूट दी गई थी उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट भी चिंतित था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को केरल सरकार ने नहीं माना।

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