बिहार उपचुनाव : कुशेश्वरस्थान से नीतीश के लिए ‘शुभ’ संकेत, रिजल्ट में बदलती नहीं दिख रही तेजस्वी की मेहनत

दरभंगा

बिहार उपचुनाव में कुशेश्वरस्थान को लेकर जो संकेत मिल रहे उसके मुताबिक जेडीयू को यहां कोई खास परेशानी नहीं है। इस सीट को वो आसानी से निकाल ले जाएगी। ये सीट परंपरागत तौर पर कांग्रेस की रही है। आरजेडी का साथ लड़ने से उसे इसका फायदा मिलता था। मगर इस बार महागठबंधन की दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं।

नीतीश कुमार का जादू कुशेश्वरस्थान सीट पर बरकरार
इंटेलिजेंस ब्यूरो के सूत्रों और विभिन्न सर्वे एजेंसियों के हवाले से जो रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक कुशेश्वस्थान सीट पर नीतीश कुमार का जादू कायम रहनेवाला है। यहां पर शुरू से महादलित और यादव समुदाय के बीच में अदावत रही है। इस उपचुनाव से पहले आरजेडी शायद ही कुशेश्वरस्थान से चुनाव लड़ी है।

कुशेश्वरस्थान को लेकर ही बढ़ा था आरजेडी-कांग्रेस में झगड़ा
उपचुनाव में कांग्रेस से गठबंधन तोड़ते हुए आरजेडी ने अपना उम्मीदवार खड़ा किया। कांग्रेस और तेजस्वी में इसी सीट को लेकर झगड़ा बढ़ा था। जिसके बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी ने गठबंधन तोड़ने तक का ऐलान कर दिया। राष्ट्रीय जनता दल ने मुसहर समुदाय से गणेश भारती को मैदान में उतारा। जबकि कांग्रेस ने अपने पुराने उम्मीदवार अशोक राम के बेटे अतिरेक कुमार को टिकट दिया।

तेजस्वी यादव का प्रयोग सफल होता नहीं दिख रहा
कुशेश्वरस्थान में जेडीयू ने अपने दिवंगत विधायक शशिभूषण हजारी के बेटे अमन हजारी को टिकट देकर सहानुभूति वोट लेने की कोशिश की। जेडीयू को इसका फायदा मिलता भी दिख रहा है। शशिभूषण हजारी का बेटे होने की वजह से अमन हजारी को सहानुभूति वोट मिल रहे हैं। तेजस्वी ने दोनों सीटों पर जो प्रयोग किए थे, वो बहुत सफल होते नहीं दिख रहे।

About bheldn

Check Also

प्रयागराज: तोड़फोड़ केस में 1000 पर FIR, छात्रों की पिटाई मामले में 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

लखनऊ, मंगलवार को प्रयागराज में छात्रों ने नौकरी ना मिलने को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *