क्या आम नागरिक पहन सकते हैं सेना की वर्दी? PM मोदी के ‘यूनिफॉर्म’ पर कांग्रेस का सवाल

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवाली के दिन नौशेरा गए और वहां उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाया। पीएम मोदी इस दौरान सेना की वर्दी में नजर आए। पीएम मोदी के सेना की वर्दी पहनने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि क्या कोई सिविलियन आर्मी की ड्रेस पहन सकता है। इस विवाद के बीच यह भी जानना जरूरी है कि क्या कोई आम इंसान आर्मी की ड्रेस पहन सकता है?

दिग्विजय सिंह ने आर्मी ड्रेस को लेकर क्या सवाल उठाए
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए पूछा कि क्या कोई आम नागरिक आर्मी ड्रेस पहन सकता है। क्या इस बारे में जनरल रावत या रक्षा मंत्री कोई सफाई दे पाएंगे। दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी के उस बयान पर भी तंज कसा जिसमें पीएम मोदी ने कहा था कि पहले डिफेंस का सामान आने में सालों लग जाते थे लेकिन अब भारत में ही अत्याधुनिक हथियार बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी दिवाली के दिन गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में सीमावर्ती राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में जवानों को संबोधित करते हुए कहा था कि संचार सुविधाएं व सेना की तैनाती बढ़ाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे विकसित किए गए हैं। पीएम मोदी ने सर्जिकल हमले में यहां ब्रिगेड की ओर से निभाई भूमिका की प्रशंसा भी की थी।

दूसरे देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी पहनते हैं आर्मी यूनिफॉर्म
देश के जवानों के बीच सेना की वर्दी पहनने में कोई दिक्कत नहीं है। एक चैनल पर न्यूज डिबेट के दौरान रिटायर्ड मेजर जनरल एसपी सिन्हा ने कहा कि नरेंद्र मोदी कोई आम नागरिक नहीं हैं वह प्रधानमंत्री हैं। वह 132 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह आम नागरिक कहां से हो गए। एसपी सिन्हा ने कहा कि वो इसी मसले पर आर्मी मुख्यालय से जुड़े थे ऐसा कोई कानून नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया के और देशों में भी लोग सेना की वर्दी पहनते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति सेना की वर्दी पहनते हैं। चीन के राष्ट्रपति भी मिलिट्री यूनिफॉर्म में सेना की परेड में शामिल होते हैं। एसपी सिन्हा ने कांग्रेस से सवाल पूछते हुए कहा कि जब ए के एंटनी रक्षा मंत्री थे उस वक्त उनकी कॉम्बैट यूनिफॉर्म में जेजे सिंह के साथ फोटो है उस पर कांग्रेस क्या कहेगी।

वर्दी पहनने को लेकर क्या है नियम
गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में जो आदेश है उसके मुताबिक जो लोग भी अनाधिकृत तरीके से आर्म्ड फोर्स (आर्मी, नेवी, एयरफोर्स) की वर्दी या उसके जैसी दिखने वाली यूनिफॉर्म पहनते हैं उन्हें आईपीसी की धारा-140 और 171 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। हालांकि यह भी महसूस किया गया कि लोग देशभक्ति दिखाने के लिए भी आर्मी जैसी दिखने वाली वर्दी पहन लेते हैं तो क्या सीधा उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

मंत्रालय की तरफ से राज्यों के सेक्रेटरी से कहा गया है कि राज्य पुलिस देखे कि किस मामले को किस तरह लिया जाए। क्या देशभक्ति की वजह से आर्मी जैसी यूनिफॉर्म पहनी है या फिर गुमराह करने के लिए। आईपीसी की धारा-140 के मुताबिक, अगर कोई यह दिखाने के लिए कि वह आर्म्ड फोर्सेस का हिस्सा है और आर्मी, नेवी या एयरफोर्स की तरह दिखने वाले कपड़े पहनता है या प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल करता है तो उसे अधिकतम तीन महीने तक की जेल और 500 रुपये का जुर्माना हो सकता है।

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