टोल टैक्स से सरकार को अभी कितनी आमदनी, अगले 5 साल में किस लेवल पर पहुंचने का अनुमान

देश में सड़कों और राजमार्गों के विकास का कार्य जोरों शोरों से जारी है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्घाटन किया। देश का पहला एक्सप्रेसवे मुंबई और पुणे के बीच बनाया गया था। देश में एक और महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन रहा है, जिसके 2023 में परिचालन में आने की उम्मीद है।

अब जब देश में हाइवेज और एक्सप्रेसवे की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, तो जाहिर सी बात है कि टोल प्लाजा की संख्या भी बढ़ेगी। टोल प्लाजा बढ़ेंगे तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की आमदनी भी बढ़ेगी, यानी सरकार की तिजोरी में धनराशि बढ़ेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एनएचएआई को ‘सोने की खान’ करार दे चुके हैं। आइए जानते हैं कि अभी एनएचएआई की टोल टैक्स से कितनी कमाई है और अगले 5 सालों में इसके कहां पर पहुंचने का अनुमान है….

​अभी NHAI की सालाना टोल आय 40,000 करोड़ रुपये
नितिन गडकरी ने इसी साल सितंबर माह में बताया था कि अभी एनएचएआई की सालाना टोल आय 40,000 करोड़ रुपये के स्तर पर है। अगले पांच साल में यह बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगी। मार्च 2020 तक देश में NHAI के 566 टोल प्लाजा थे। वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 में NHAI का टोल कलेक्शन क्रमशः 27,682.89 करोड़ रुपये और 28,548.05 करोड़ रुपये रहा।

​दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से हर माह 1500 करोड़ तक का टोल!
गडकरी का कहना है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परिचालन में आने और जनता के लिए खोले जाने के बाद केंद्र को हर महीने 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये का टोल राजस्व देगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण ‘भारतमाला परियोजना’ के पहले चरण के तहत किया जा रहा है। आठ लेन का यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात से होकर जाएगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी से देश की वित्तीय राजधानी के बीच यात्रा का समय मौजूदा के 24 घंटे से घटकर आधा यानी 12 घंटे रह जाएगा।

अक्टूबर में फास्टैग से कितना रहा टोल कलेक्शन
फास्टैग (FASTag) के जरिए टोल कलेक्शन अक्टूबर में 21.42 बिक, सितंबर में फास्टैग से टोल कलेक्शन 19.36 करोड़ लेनदेन में 3,000 करोड़ रुपये रहा था। वहीं अगस्त में यह 20.12 करोड़ लेनदेन में 3,076.56 करोड़ रुपये रहा था। सरकार ने 15 फरवरी को मध्यरात्रि से फास्टैग को अनिवार्य कर दिया था।

​पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की खासियत
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है। यह एक्सप्रेसवे यूपी के 9 जिलों लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से निकलेगा। यह एक्सप्रेसवे वर्तमान के ‘आगरा से लखनऊ एक्सप्रेसवे’ और मौजूदा ‘यमुना एक्सप्रेसवे’ से भी जुड़ जाएगा। युद्ध की स्थिति या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यहां वायुसेना के विमानों की इमर्जेंसी लैंडिंग के लिए एयर स्ट्रिप बनी है। एक्सप्रेसवे की कुल लागत 22,494 करोड़ रुपये है, जिसमें भूमि अधिग्रहण की कीमत भी शामिल है।

About bheldn

Check Also

रूस संग आ चीन ने खेल दिया गेम, यूक्रेन पर ‘पुरानी-नई दोस्ती’ के चक्कर में पड़ गया भारत

नई दिल्ली रूस और अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों के बीच यूक्रेन जंग का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *