दुनिया में बड़े पैमाने पर हो रही चिकन फार्मिंग, महामारी फैलने की चेतावनी

नई दिल्ली ,

कोरोना संकट के बीच दुनिया पर बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है. इस बर्ड फ्लू वायरस के कम से कम आठ स्ट्रेन पल रहे हैं. जिनके बारे में कहा जा रहा है कि अगर ये फैले तो अंजाम कोरोना महामारी से भी ज्यादा बुरा होगा. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में बड़े पैमाने पर व्यवसायिक चिकन फार्मिंग होने की वजह से इन वायरस के फैलने का खतरा बढ़ गया है.’द गार्जियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल दिसंबर में रूस के अस्त्रखान शहर के पास खेतों में 101,000 मुर्गियां अचानक मरने लगीं. जांच के बाद पता चला कि इसके पीछे घातक एवियन फ्लू का नया स्ट्रेन H5N8 था. ऐसे में इस महामारी को रोकने के लिए पोल्ट्री फार्म में 900,000 मुर्गियों को मार दिया गया.

पक्षियों से मनुष्यों में फैला H5N8
एवियन फ्लू दुनिया में फैलने वाली एक और महामारी है और H5N8 सिर्फ उसका एक स्ट्रेन है. ये स्ट्रेन हाल के वर्षों में ब्रिटेन सहित लगभग 50 देशों में हजारों मुर्गियों, बत्तख और दूसरे पक्षियों की मौत का कारण बना. लेकिन अस्त्रखान की घटना इन सबसे अलग थी, क्योंकि मुर्गियों को मारने के बाद जब खेतों/फर्म में काम करने वाले 150 श्रमिकों का चेकअप किया गया तो उनमें पांच महिलाओं और दो पुरुषों में यह बीमारी पाई गई. यह पहली बार था जब H5N8 पक्षियों से मनुष्यों में फैला.

कोरोना के चलते दब गई दूसरे वायरस की बात!
रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को अलर्ट किया गया था, लेकिन COVID-19 महामारी के कहर कारण, उस समय इसपर कम ध्यान दिया गया. हालांकि, रूसी संघ के मुख्य उपभोक्ता सलाहकार Anna Popova ने टीवी पर चेतावनी दी थी कि संभावना है कि H5N8 स्ट्रेन जल्द ही इंसानों में भी फैल सकता है. उन्होंने इसकी वैक्सीन विकसित करने का काम तुरंत शुरू करने के लिए कहा था.

बताया गया कि Avian Flu के आठ या इससे अधिक प्रकार, जो सभी मनुष्यों को संक्रमित और मारने में सक्षम हैं व संभावित रूप से कोरोना वायरस की तुलना में अधिक गंभीर हैं, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. हालांकि, 2021 में इंसानों के H5N8 से संक्रमित होने की कोई और रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन पिछले हफ्ते चीन से चिंताजनक खबर आई. जहां एक अन्य प्रकार के एवियन फ्लू को H5N6 के रूप में पहचाना गया.

नए-नए स्ट्रेन फैल रहे हैं
H5N6 ने 2014 में पहली बार पहचाने जाने के बाद से 48 लोगों को संक्रमित किया है. अधिकांश मामले पोल्ट्री फार्मिंग में करने वाले लोगों से जुड़े हुए हैं. हाल के हफ्तों में सभी संक्रमित लोगों में से आधे से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई है, जो यह दर्शाता है कि H5N6 स्ट्रेन रफ्तार पकड़ रहा है. साथ ही यह स्ट्रेन परिवर्तनशील (म्यूटेशन) और बेहद खतरनाक भी है.

रिपोर्ट में बताया गया कि इस महीने की शुरुआत में, चीन के रोग नियंत्रण केंद्र (CDC) ने हाल के दो H5N6 मामलों में कई म्यूटेशन की पहचान की. जिसके बाद सीडीसी के निदेशक ने कहा- H5N6 वायरस का प्रसार अब पोल्ट्री उद्योग और मानव स्वास्थ्य के लिए एक “गंभीर खतरा” है. वायरस का लगातार म्यूटेट होना इसे अधिक ताकतवर बना सकता है, जो इंसानों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है.

‘और वायरस विकसित हो रहे हैं’
संयुक्त राष्ट्र (UN) के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के अनुसार- “एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (Avian Influenza virus) बड़े स्तर पर विकसित हो रहे हैं, जो कभी भी महामारी का रूप धारण कर सकते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, पोल्ट्री, खेती, जानवर और प्रवासी पक्षियों से ऐसे वायरस फैलने का खतरा बढ़ा है. जीवविज्ञानी सैम शेपर्ड का कहना है कि एंटीबायोटिक दवाओं का अति प्रयोग, भीड़भाड़ और जानवरों के बीच आनुवंशिक समानता, कई बैक्टीरिया, वायरस और अन्य रोगजनकों के विलय, म्यूटेशन आदि वायरस के मनुष्यों में फैलने के लिए आदर्श स्थिति प्रदान करती है.

जीवविज्ञानी शेपर्ड ने शोध कर बताया कि कैसे जानवरों को एक साथ रखने से कैंपिलोबैक्टर जैसे सामान्य कीड़ों में आनुवंशिक परिवर्तन होते हैं, जो अब पोल्ट्री, सूअर और अन्य मवेशियों में आम बात हो गई है.

अब अगली महामारी..
बेल्जियम के महामारी विज्ञानी मारियस गिल्बर्ट ने बताया है कि कैसे बर्ड फ्लू मुर्गी पालन से जुड़ा हुआ है, जो अब बर्ड फ्लू वायरस (Bird Flu Viruses) को और अधिक खतरनाक बना रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से औद्योगिक खेती के खतरों के बारे में चेतावनी देते रहे हैं, लेकिन जब से कोविड महामारी आई है, इस ओर भी लोगों का ध्यान गया है.

इतिहासकार Michael Greger अपनी किताब में लिखते हैं कि मानव रोग के तीन युग हो चुके हैं. पहला, जब हमने लगभग 10,000 साल पहले जानवरों को पालतू बनाना शुरू किया था और खसरा और चेचक जैसी बीमारियों से संक्रमित थे. फिर 18वीं और 19वीं शताब्दी में, जब औद्योगिक क्रांति ने मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग और कैंसर की महामारियों को जन्म दिया. और अब, कृषि गहनता/पोल्ट्री के कारण जो Zoonotic, या पशु-जनित, बर्ड फ्लू, साल्मोनेला (Salmonella), मेर्स, निपाह (Nipah) और Covid-19 जैसी बीमारियों की ओर ले जा रहा है.

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