माल्‍या, नीरव, चोकसी… करोड़ों का चूना लगाने वाले ये भगोड़े लौटने वाले हैं? PM का क्‍लीयर मैसेज

नई दिल्‍ली

विजय माल्‍या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी…। देश को करोड़ों की चपत लगा फुर्र हुए इन भगोड़ों के दिन पूरे हो गए हैं। सरकार ने ऐसा जाल बिछाया है कि इन्‍हें भारत लौटना ही होगा। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसके साफ संकेत दिए हैं। पीएम ने दो-टूक कह दिया है कि सरकार ऐसे हाई-प्रोफाइल आर्थिक भगोड़ों को छोड़ने वाली नहीं है। उनके सामने देश लौटने के सिवाय और कोई विकल्‍प नहीं बचा है।

सिर्फ इन तीन भगोड़े उद्योगपतियों की ही बात कर लेते हैं। इस तिकड़ी ने अकेले देश को 22 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया है। यह और बात है कि सरकारी एजेंसियां देश में इनकी संपत्तियों की धुआंधार बिक्री कर इसमें से काफी रकम वसूल कर चुकी हैं। जुलाई तक इनसे करीब 13,109.17 करोड़ रुपये वसूले जा चुके थे। सरकार ने इनका जबर्दस्‍त घेराव कर दिया है। इनके बैंक अकाउंट सील करने से लेकर संपत्तियां बेचने तक सरकार ने इनके अर्थतंत्र की कमर तोड़ कर रख दी है। पीएम इन सभी भगोड़े आर्थिक अपराधियों को यूं ही लौट आने की सलाह नहीं दे रहे हैं। इसके पीछे उनका भरोसा है।

कितना चूना लगा के भागे हैं?
विजय माल्‍या पर 17 भारतीय बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपये बकाया है। माल्‍या पर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का केस है। ब्रिटेन के साथ उनके प्रत्‍यर्पण को लेकर प्रयास जारी हैं। माल्या को अपने पिता से यूबी स्पिरिट्स विरासत में मिली, जो किंगफिशर बीयर ब्रांड के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। 28 साल की उम्र में माल्‍या यूबी ग्रुप के चेयरमैन बन गए थे।

हालांकि, ग्रुप के दूसरे कारोबार उतने सफल नहीं रहे। इसमें किंगफिशर एयरलाइंस को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ। यह एयरलाइन कंपनी 2005 में बनी थी। इसकी शुरुआत होने से ही मुश्‍किलें बढ़ती गईं। कर्ज का बोझ इतना बढ़ा कि 2012 में मजबूरन इसे बंद करना पड़ा। और तो और यह एयरलाइन मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय उल्लंघनों को लेकर भी जांच के दायरे में है। एयरलाइन बंद होने के बाद उधार देने वाले बैंकों का दबाव बढ़ा। यह देख माल्या 2016 में ब्रिटेन भाग निकले।

इस तरह भगोड़ा बन गया माल्‍या
जिस दिन (2 मार्च 2016) माल्या ने देश छोड़ा, उसी दिन बैंकों के एक समूह ने कर्ज वसूली के लिए शिकायत दर्ज कराई। फ्यूजिटिव इकनॉमिक ऑफेंडर्स ऐक्‍ट के तहत माल्‍या को जनवरी 2019 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया था। माल्‍या ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया था। साथ ही सार्वजनिक रूप से कर्ज देने वाले बैंकों को पूरे मूलधन को वापस करने का वादा किया था।

नीरव और मेहुल ने भी लगाई है करोड़ों की चपत
नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर 14,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह फ्रॉड इन्‍होंने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में किया। इस घोटाले के सिलसिले में भारतीय अधिकारी इन दोनों को तलाश रहे हैं। नीरव मोदी ने ब्रिटेन में शरण ली हुई है। अप्रैल में उसके प्रत्‍यर्पण का रास्‍ता साफ हो गया था। वह इसे लेकर एक केस हार चुका है। लंदन की हाई कोर्ट में उसने इस आदेश के खिलाफ अपील की हुई है। वहीं, चोकसी अभी डॉमिनिका में है। इनके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। सरकार इनके प्रत्‍यर्पण की कोशिश में जुटी हुई है। यानी शिकंजा कसता जा रहा है।

सब कुछ कहता है पीएम का मैसेज
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को साफ मैसेज दिया है। सरकार इन हाई प्रोफाइल ऑफेंडर्स को बख्‍शने वाली नहीं है। इन्‍हें भारत लाने के लिए हर तरीका अपनाया जा रहा है। अब उनके सामने देश लौटने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है। पीएम ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा इस तिकड़ी की ओर खास तौर से था। कारण है कि सरकार ने आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज कर दी हैं।

पीएम बोले, ‘भगोड़े आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के लिए हम नीतियों और कानून पर निर्भर रहे और कूटनीतिक माध्यमों का भी इस्तेमाल किया। संदेश एकदम साफ है- अपने देश लौट आओ। हम इसके लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं।’

पाई-पाई वसूल करेगी सरकार
यही नहीं प्रधानमंत्री ने यह भी बताया है कि इन ऑफेंडर्स से पाई-पाई वसूली जाएगी। उन्‍होंने अब तक वसूली गई रकम का मोटा-मोटा आंकड़ा भी दिया है। पीएम ने कहा है कि सरकार की सक्रियता से डिफॉल्‍टरों से पांच लाख करोड़ रुपये की रकम वसूली की जा चुकी है।

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