पाकिस्तान में ‘आग लगाने’ वाला कट्टरपंथी TLP चीफ साद हुसैन रिजवी रिहा

इस्लामाबाद

पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने कट्टरपंथियों के दबाव में झुकते हुए तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) प्रमुख साद हुसैन रिजवी को रिहा कर दिया है। साद हुसैन रिजवी इस साल अप्रैल महीने से लाहौर के कोट लखपत जेल में बंद था। जेल अधीक्षक एजाज असगर और टीएलपी के प्रवक्ता मुफ्ती आबिद ने साद हुसैन की रिहाई की पुष्टि की है। प्रवक्ता ने कहा कि रिहा होने के बाद साद हुसैन रिजवी समर्थकों की भारी भीड़ के साथ पार्टी के मुख्यालय रहमतुल लील अलमीन मस्जिद पहुंचा।

12 अप्रैल को गिरफ्तार हुआ था साद हुसैन रिजवी
साद हुसैन रिजवी को पंजाब सरकार ने 12 अप्रैल को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद से ही वह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हिरासत में है। शुरू के तीन महीने उसे हिंसा भड़काने के आरोप में हिरासत में रखा गया। 10 जुलाई को पाकिस्तान पुलिस ने साद हुसैन रिजवी को आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत हिरासत में लिया था।

पाकिस्तान को हिंसा की आग में जला रहे थे उत्पाती समर्थक
साद हुसैन रिजवी के समर्थक कई बार पूरे पाकिस्तान को अपनी हिंसा की आग में जला चुके हैं। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में साद हुसैन रिजवी के समर्थकों ने लाहौर में जमकर बवाल काटा था। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पाकिस्तानी पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा था। इससे पहले भी अप्रैल में गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में कट्टरपंथियों ने जमकर उपद्रव किया था। दोनों झड़पों में कई पुलिसकर्मी मारे गए थे।

कट्टरपंथी टीएलपी पर मेहरबान है पाकिस्तान सरकार
पाकिस्तान सरकार ने अप्रैल में टीएलपी को प्रतिबंधित कर दिया था। जिसके बाद हिंसा के आरोप में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन समझौते के बाद सरकार ने सभी दंगाइयों पर से केस वापस ले लिया था। इस बार भी अक्टूूबर में पाकिस्तान सरकार ने हिंसा में गिरफ्तार किए गए टीएलपी के सभी समर्थकों को रिहा कर दिया था।

कौन है साद हुसैन रिजवी
खादिम हुसैन रिजवी के आकस्मिक निधन के बाद साद रिजवी तहरीक ए लबैक पाकिस्तान पार्टी का नेता बन गया था। रिजवी के समर्थक, देश के ईशनिंदा कानून को रद्द नहीं करने के लिए सरकार पर दबाव बनाते रहे हैं। पार्टी चाहती है कि सरकार फ्रांस के सामान का बहिष्कार करे और फरवरी में रिजवी की पार्टी के साथ हस्ताक्षरित करारनामे के तहत फ्रांस के राजदूत को देश से बाहर निकाले।

शरिया कानून लागू करना चाहती है टीएलपी
इमरान खान के लिए सिरदर्द बने जहरीले मौलाना खादिम हुसैन रिजवी की पिछले दिनों रहस्‍यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। रिजवी ने पाकिस्‍तान के कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्‍बैक पाकिस्‍तान (TLP) की स्‍थापना की थी। टीएलपी पूरे पाकिस्तान में इस्लामी शरिया कानून को लागू करने की पक्षधर है।

About bheldn

Check Also

अरविंद केजरीवाल की तर्ज पर पाकिस्तान में भी बनी आम आदमी पार्टी

नई दिल्ली, इमरान खान की पार्टी के सत्ता में आए अभी पांच साल भी नहीं …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *