304 पेज की किताब का एक पन्ना ही क्यों…. BJP के हमले पर मनीष तिवारी का जवाब

नई दिल्ली

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी के 26/11 मुंबई हमलों को लेकर दिए बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया हैं। बीजेपी ने कांग्रेस की तत्कालीन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उधर बीजेपी के हमले के बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने ट्वीट में कर लिखा है, ‘304 पेज की किताब में से एक अंश पर सवाल उठाना ठीक नहीं। उन्होंने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा, मैं ये जानना चाहूंगा कि जो हार्ड एनालिसिस मैंने उनकी नेशनल सिक्युरिटी को लेकर किया है, क्या वह उसको लेकर भी कोई प्रतिक्रिया करेंगे।

बीजेपी ने कांग्रेस पर बोला हमला
बीजेपी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी के 26/11 मुंबई हमलों पर दिए बयान को लेकर तत्कालीन मनमोहन सरकार पर निशाना साधा। बीजेपी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस सरकार को निठल्ली और निकम्मी बताया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार निठल्ली निकम्मी थी, राष्ट्रीय की सुरक्षा पर भी भारत की अखंडता की उनको चिंता नहीं थी। मनीष तिवारी ने स्वीकारा है कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को दाव पर लगाया था. क्या अब सोनिया गांधी और राहुल गांधी चुप्पी तोड़ेंगे? बीजेपी ने कहा, ‘मनीष तिवारी ने जो बात अपनी पुस्तक में कही, जिसको हम सभी ने मीडिया में देखा है. ये कहना गलत नहीं होगा कि जो तथ्य सामने आए हैं, इसको कांग्रेस की विफलता का कबूलनामा कहना ही उपयुक्त होगा।’

मनीष तिवारी के इस बयान पर मचा है हंगामा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने अपनी नई पुस्तक में साल 2008 के मुंबई आतंकी हमले पर जवाबी प्रतिक्रिया को लेकर तत्कालीन UPA संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कई बार संयम कमजोरी की निशानी होती है और भारत को उस समय कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। लोकसभा सदस्य तिवारी ने अपनी पुस्तक ‘10 फ्लैस प्वाइंट्स: 20 ईयर्स’ में पिछले दो दशक के देश के सुरक्षा हालात पर प्रकाश डाला है। यह पुस्तक दो दिसंबर से पाठकों के लिए उपलब्ध होगी।

तिवारी कांग्रेस के उस ‘जी 23’ समूह में शामिल हैं जिसने पिछले साल सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में व्यापक संगठनात्मक बदलाव और जमीन पर सक्रिय अध्यक्ष की मांग की थी। तिवारी ने मंगलवार को ट्विटर पर अपनी इस पुस्तक के कुछ अंश साझा किए। पुस्तक में उन्होंने लिखा, ‘अगर किसी देश (पाकिस्तान) को निर्दोष लोगों के कत्लेआम का कोई खेद नहीं है तो संयम ताकत की पहचान नहीं है, बल्कि कमजोरी की निशानी है। ऐसे मौके आते हैं जब शब्दों से ज्यादा कार्रवाई दिखनी चाहिए। 26/11 एक ऐसा ही मौका था।’

तिवारी ने मुंबई आतंकी हमले को क्रूर हमला करार देते हुए इसे ‘भारत का 9/11’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘एक ऐसा समय था जब भारत को प्रतिक्रिया में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी।’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनकी इस पुस्तक को लेकर आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संप्रग सरकार को 2008 में 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के बाद जिस प्रकार की मजबूत जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए थी, वैसी नहीं की और उसने राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रखा।

कांग्रेस से झाड़ा विवाद से पल्ला
दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस पर फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने तिवारी की पुस्तक से जुड़े सवाल पर कहा, ‘पहले किताब आए, हम और आप पढ़ेंगे। फिर देखते हैं कि चर्चा करनी है या नहीं… उस किताब या किसी अन्य बात से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आम लोग आज महंगाई के कारण कितना संघर्ष कर रहे हैं। हमारा यह धर्म है कि हम इन लोगों की आवाज उठाएं।’ उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर, 2008 को पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादी समुद्री मार्ग से मुंबई के विभिन्न इलाकों में घुस गए थे और उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर गोलीबारी शुरू कर दी थी। उस हमले में 18 सुरक्षाकर्मियों सहित 166 लोग मारे गए थे।

About bheldn

Check Also

MP: करोड़ों के कर्ज से दबे युवक ने दी जान, सुसाइड से पहले वीडियो में कही यह बात

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा में एक युवक की आत्महत्या की खबर ने हंगामा मचा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *