पूरी कवरेज हो और काउंटिंग तक बनी रहे फोर्स; त्रिपुरा चुनाव पर बोला SC

नई दिल्ली

त्रिपुरा में चल रहे निकाय चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हिंसा करने का आरोप लगाया है। टीएमसी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसके उम्मीदवारों एवं समर्थकों को मतदान नहीं करने दिया। टीएमसी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग, मुख्य सचिव और डीजीपी को आदेश दिया है कि बूथों पर बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाए। यही नहीं शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी भी बूथ पर और कोई भी पोलिंग अफसर गड़बड़ी होने पर सुप्रीम कोर्ट की मदद ले सकता है।

यही नहीं अदालत ने 28 नवंबर को मतगणना होने तक बैलेट बॉक्स की निगरानी के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती का आदेश दिया है। वोटिंग से लेकर मतगणना तक अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती रहेगी। इसके अलावा शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि मतदान के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को पूरी कवरेज की अनुमति मिलनी चाहिए। अदालत ने कहा कि पोलिंग बूथों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। ऐसे में मीडिया को ज्यादा से ज्यादा कवरेज करने देना चाहिए।

इस बीच 14 नगर निकायों के लिए शुरुआती 4 घंटों में यानी 11 बजे तक 22 फीसदी मतदान हो चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव पल्लब भट्टाचार्य ने कहा कि अब तक राज्य में कहीं से भी हिंसा या फिर ईवीएम में गड़बड़ी की खबर नहीं मिली है। उनका बयान टीएमसी के उलट है, जिसने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। अधिकारी ने कहा कि पहले से ही भारी संख्या में तैनात बलों के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बीएसएफ की दो कंपनियों और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के 500 जवानों को तैनात किया गया है।

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