कौन मारेगा बाजी? नेटवर्थ की ‘जंग’ में बिल्कुल आमने-सामने आ गए अंबानी-अडानी!

नई दिल्ली,

नेटवर्थ की रोचक ‘लड़ाई’ में देश के दो सबसे बड़े उद्योगपति आमने-सामने आ गए हैं. नेटवर्थ के मामले में अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी देश के सबसे अमीर रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेहद करीब पहुंच गए हैं. फिलहाल मुकेश अंबानी देश के सबसे अमीर शख्स हैं.दरअसल RIL के प्रमुख मुकेश अंबानी अप्रैल-2021 में अलीबाबा (Alibaba) के प्रमुख जैक मॉ (Jack Ma) को पछाड़कर एशिया के अमीर शख्स बने हैं. लेकिन अब नेटवर्थ के मामले उनके ठीक पीछे देश के दूसरे सबसे अमीर गौतम अडानी पहुंच गए हैं. मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के बीच नेटवर्थ के लिहाज से फासला बहुत कम है.

संपत्ति के मामले अंबानी के बेहद करीब अडानी
अडानी अब दौलत के मामले में अंबानी के बेहद करीब पहुंच गए हैं. बता दें, पिछले कुछ दिनों में अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी आई है. जिससे गौतम अडानी की संपत्ति में इजाफा हुआ है. वहीं मुकेश अंबानी भी संपत्ति भी बढ़ी है, लेकिन अडानी के मुकाबले कम इजाफा हुआ है. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक गुरुवार 25 नवंबर को गौतम अडानी की दौलत मुकेश अंबानी की दौलत से महज 0.6 बिलियन डॉलर कम है. फिलहाल मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 89.7 अरब डॉलर (करीब 6.68 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है. वहीं गौतम अडानी की संपत्त‍ि बढ़कर 89.1 अरब डॉलर (करीब 6.64 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है.

मार्केट कैप में उतार-चढ़ाव जारी
दोनों की संपत्तियों में उनकी कंपनियों के मार्केट कैप के आधार पर उतार-चढ़ाव होते रहता है. ऐसे में अगर इसी तरह से अडानी ग्रुप की कंपनियों के मार्केट कैप बढ़ता रहा तो मुकेश अंबानी से गौतम अडानी आगे भी निकल सकते हैं. गौरतलब है कि अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की संपत्ति में साल-2021 में अब तक 55.3 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है. यही नहीं, अप्रैल-2021 में अप्रैल में अडानी ग्रुप की कंपनियों के मार्केट कैप 100 बिलियन डॉलर को पार कर गया था. उस समय मार्केट कैप में इससे आगे केवल RIL और TCS कंपनी थी. हालांकि बाद HDFC बैंक और इंफोसिस भी 100 बिलियन डॉलर के क्लब में शामिल हो गया था.

ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में भी जंग
नेटवर्थ के साथ-साथ अंबानी और अडानी के बीच हरित ऊर्जा क्षेत्र (Green Energy Sector) में कड़ा मुकाबला चल रहा है. इस सेक्टर में अडानी ग्रीन एनर्जी ने पहले ही एंट्री ली है, जिसका लक्ष्य है कि साल 2025 तक 25 GW ((पवन, सौर और हाइब्रिड बिजली परियोजनाओं से युक्त) ऊर्जा का निर्माण करना है. पिछले दो वर्षों में AEGL के शेयरों में 13 गुना बढ़ोतरी हुई है. इस ग्रुप का साल 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी अक्षय ऊर्जा  फर्म बनने का लक्ष्य है. वहीं दूसरी ओर RIL का ग्रीन एनर्जी बिजनेस पर इस साल खास फोकस रहा है. इस कड़ी में मुकेश अंबानी ने दुनिया भर में सौर, बैटरी और हाइड्रोजन परियोजनाओं में कई सौदे किए. RIL लगातार ग्रीन एनर्जी बिनजेस को विस्तार दे रहा है.

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