कोरोना के नए वेरिएंट से डरे कई देश, एक्शन में पीएम मोदी, जानें किस राज्य में क्या बदले नियम

नई दिल्‍ली

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन की खबरें आने के बाद से चिंता बढ़ गई है। इसके कई कारण हैं। इस वेरिएंट (B.1.1.529) को बहुत ज्‍यादा इंफेक्शियस बताया जा रहा है। साथ ही यह भी आंशका है कि वैक्‍सीन इस पर बेअसर है। केंद्र सरकार ने बिना देर किए कुछ एहतियाती कदम उठा दिए हैं। नए वेरिएंट से खतरे के बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। कुछ राज्‍य सरकारें भी हरकत में आ गई हैं। कोरोना के इस खतरनाक वेरिएंट से निपटने के लिए क्‍या-क्‍या तैयारियां हो रही हैं, राज्‍य सरकारों ने अब तक क्‍या कदम उठाए हैं? आइए, यहां इसके बारे में सब कुछ जानते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को कोरोना के नए वेरिएंट का क्‍लासिफिकेशन किया। इसे ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ के तौर पर क्‍लासिफाई किया गया है। डब्‍लूएचओ ने इसे ओमीक्रॉन नाम दिया है।इस सप्ताह पहली बार इस वेरिएंट की पहचान दक्षिण अफ्रीका में हुई। यह स्‍ट्रेन बोत्सवाना सहित आसपास के देशों में फैल गया है। इसने पूरी तरह से वैक्‍सीनेटेड लोगों को भी संक्रमित किया है। B.1.1.529 के नाम से जाने जा रहे कोरोना के इस प्रकार को ‘बोत्सवाना वेरिएंट’ भी कहा जा रहा है।

केंद्र ने उठाए हैं क्‍या कदम?
नए वेरिएंट से खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और हांगकांग के यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग करने को कहा था। शनिवार को शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके मद्देनजर ‘प्रोएक्टिव’ रहने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने लोगों को अधिक सतर्क रहने और मास्क पहनने व उचित दूरी सहित बचाव के सभी अन्य उपायों का पालन करने की जरूरत बताई है।

फोकस अभी कोरोना एप्रोप्रिएट बिहेवियर अपनाने के साथ वैक्‍सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने पर है। सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की निगरानी करने की भी आवश्यकता बताई गई है। साथ ही कहा गया है कि ‘जोखिम’ वाले देशों से आने वाले लोगों की दिशानिर्देशों के अनुरूप जांच होनी चाहिए।यूरोप के सभी देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जापान और हांगकांग ने दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और पांच अन्य अफ्रीकी देशों से उड़ानें रोक दी हैं। हालांकि, भारत ने अभी इस तरह का कदम नहीं उठाया है।

राज्‍यों के स्‍तर पर क्‍या है तैयारी?
महाराष्‍ट्र सरकार ने शनिवार को तमाम तरह की पाबंदियों और मंजूरियों को लेकर नियम जारी किए हैं। इसमें सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह कही गई कि राज्‍य में आने वाले सभी विदेशी यात्रियों पर केंद्र सरकार के निर्देश लागू होंगे। डोमेस्टिक ट्रैवलर्स को कोरोना वैक्‍सीन के दोनों डोज यानी पूरी तरह वैक्‍सीनेटेड होने पर एंट्री दी जाएगी या फिर उनके पास 72 घंटे का आरटी-पीसीआर टेस्‍ट हो। सिनेमा, हॉल, थियेटर, मैरिज हॉल, कंवेंशन हॉल इत्‍यादि में पूरी क्षमता से 50 फीसदी तक लोगों की अनुमति होगी। कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर (CAB) से जुड़े नियमों की अवहेलना करने वालों पर जुर्माना लगेगा। यह 500 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक हो सकता है।

राजधानी में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने 29 नवंबर यानी सोमवार को हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। वह दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में अन्य बातों के साथ-साथ कोरोना के नए वेरिएंट बी.1.1.529 के मद्देनजर स्थिति और तैयारी पर भी चर्चा होगी। इस बैठक में एक्‍सपर्ट्स और विमानन मंत्रालय के प्रतिनि‍धि भी मौजूद रहेंगे।

शनिवार को बैजल ने मुख्य सचिव, सीपी और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों और समारोहों में कोविड उचित व्यवहार का सख्ती से पालन हो। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में पूरी तैयारी रहे। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से उतरने वाले यात्रियों का आरटी-पीसीआर परीक्षण और दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे और हांगकांग आदि से यात्रियों का क्‍वारंटीन सुनिश्चित किया जाए।

किस तरह की तैयारी की जरूरत?
एम्‍स दिल्‍ली में कोविड टास्‍क फोर्स के चेयरपर्सन डॉक्‍टर नवीत विग ने बताया है कि नया वेरिएंट ज्‍यादा ट्रांसमिसबल है। यानी यह अधिक तेजी से फैलता है। इम्‍यूनिटी से लड़ने में यह ज्‍यादा कुशल है। उन्‍होंने कहा, ‘हमें यह समझना होगा कि नए वेरिएंट आते रहेंगे। ऐसे में यूनिवर्सल वैक्‍सीनेशन यानी सभी लोगों को वैक्‍सीन लगनी बहुत महत्‍वपूर्ण है।’ नवीत ने साफ तौर पर बूस्‍टर डोज की जरूरत बताई है। उन्‍होंने कहा है कि आयु समूहों और अलग-अलग तरह के रोगियों के आधार पर बूस्टर डोज की जरूरत होगी। साथ ही इसके लिए तुरंत अध्ययन की आवश्यकता होगी।

बूस्‍टर डोज से वैक्‍सीन की इफेक्टिवनेस यानी प्रभावशीलता कैसे बढ़ जाती है, इसके लिए नवीत ने इजरायल का उदाहरण दिया। उन्‍होंने कहा कि इजरायल में बूस्टर डोज के बाद वैक्‍सीन की प्रभावशीलता 40 फीसदी से बढ़कर 93 फीसदी हो गई। वहीं, सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन, एम्स के डॉ संजय राय ने बताया है कि यह एक नया वेरिएंट है। अभी ‘वेट एंड वॉच’ की पॉलिसी अपनानी होगी। इसके बारे में चीजों को देखने की जरूरत है। अभी हम नहीं जानते कि यह किस हद तक इंफेक्‍श‍ियस है। हालांकि, इस बात की संभावना है कि यह आपकी मौजूदा इम्‍यूनिटी को बाईपास कर सकता है। अगर ऐसा ही है तो यह गंभीर मामला है।

आगे क्‍या हो सकता है?
प्रधानमंत्री ने कोरोना के नए वेरिएंट के खतरों के मद्देनजर अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध हटाने की योजना की समीक्षा करने को कहा है। इसका टूर और टूरिज्‍म इंडस्‍ट्री पर खासा बुरा असर पड़ सकता है। नए वेरिएंट की खबरें आने के बाद से ही बाजार को झटका लगा है। शुक्रवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों के साथ भारतीय बाजार भी पस्‍त हो गए। कच्‍चे तेल की कीमतें लुढ़क गईं। वैसे तो भारत में अभी यह वेरिएंट नहीं मिला है, लेकिन इसकी दस्‍तक होने पर हर सेक्‍टर पर असर पड़ने के आसार हैं।

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