सिर्फ ओमीक्रोन नहीं कोरोना वायरस के रोज बढ़ते मामले पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय

एकबारगी तो लगा कि अब कोरोना वायरस से पूरी दुनिया को निजात मिल जाएगा मगर ऐसा हुआ नहीं। लगातार नए-नए वेरिएंट और कोरोना के रोज बढ़ते मामलों ने कोविड महामारी की चिंताओं को बढ़ा दिया है। मार्च 2020 को शुरू हुआ सिलसिला अभी तक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन ने एक नई चुनौती पेश कर दी हैं। जबकि पूरी दुनिया का मेडिकल साइंस अभी एक ही गुत्थी सुलझाने में व्यस्त था तभी ओमीक्रोन एक नई आफत बनता हुआ दिखाई दे रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने हाल ही में कहा कि दर्जनों महामारी से प्रभावित देशों ने ओमीक्रोन का मुकाबला करने के लिए प्रतिबंधों को फिर से लागू करना शुरू कर दिया। ओमीक्रोन नया और संभावित रूप से अधिक खतरनाक कोरोना वायरस का वेरिएंट है।

लगातार बढ़ता जा रहा है कोरोना वायरस
यहां पर ध्यान देने वाली बात ये है कि ओमीक्रोन के अभी तक दक्षिण अफ्रीका को छोड़कर कहीं और बहुत ज्यादा वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन कोरोना वायरस पूरी दुनिया में हर दिन ताजा कोविड मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। अकेले नवंबर में दुनिया भर में 15.6 मिलियन से अधिक मामले सामने आए। इस साल नवंबर में रोजना के कोविड मामलों ने महीने के दूसरे पखवाड़े में ऊपर की ओर रुझान दिखाया है। औसत महीने की शुरुआत में 4.5 लाख से बढ़कर अंत तक 5.7 लाख से अधिक हो गई, जो दैनिक संक्रमण में बढ़ती प्रवृत्ति का संकेत देती है। हालांकि उछाल नए ओमीक्रोन वेरिएंट से जुड़ा नहीं है, लेकिन लगातार ऊपर की ओर बढ़ते केस वैश्विक कोविड पुनरावृत्ति की आशंका पैदा हो सकती है। अमेरिका जो दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, अभी भी सबसे अधिक नए मामले वहीं से आ रहे हैं। नवंबर महीने में वैश्विक कोविड मामलों के 2.5 मिलियन अकेले अमेरिका से ही हैं।

पूरी दुनिया में पांचवी लहर
जनवरी 2020 में फैलने के बाद से दैनिक कोविड संक्रमणों पर एक नज़र डालने से पता चलता है कि दुनिया संभवतः महामारी की पांचवीं लहर की ओर अग्रसर है, जिसका नेतृत्व अमेरिका में निरंतर वृद्धि और कई यूरोपीय देशों में बढ़ती प्रवृत्ति के कारण हुआ है। महामारी की सबसे घातक लहर इस साल मार्च में दुनिया में आई और लगभग जून तक चली। इस दौरान दुनिया भर में लगभग 47.4 मिलियन मामले सामने आए जबकि 9 लाख से अधिक लोगों ने वायरस के कारण दम तोड़ दिया। लगभग उसी समय भारत महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा था जिसके कारण पूरे देश में बड़े पैमाने पर तबाही हुई और मौतें हुईं।

यात्रा प्रतिबंधों से नहीं रुकेगा ओमीक्रोन – WHO
जनवरी 2020 में फैलने के बाद से दैनिक कोविड संक्रमणों पर एक नज़र डालने से पता चलता है कि दुनिया संभवतः महामारी की पांचवीं लहर की ओर अग्रसर है, जिसका नेतृत्व अमेरिका में निरंतर वृद्धि और कई यूरोपीय देशों में बढ़ती प्रवृत्ति के कारण हुआ है। महामारी की सबसे घातक लहर इस साल मार्च में दुनिया में आई और लगभग जून तक चली। इस दौरान दुनिया भर में लगभग 47.4 मिलियन मामले सामने आए जबकि 9 लाख से अधिक लोगों ने वायरस के कारण दम तोड़ दिया। लगभग उसी समय भारत महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा था जिसके कारण पूरे देश में बड़े पैमाने पर तबाही हुई और मौतें हुईं।

महामारी की सबसे घातक लहर
महामारी की सबसे घातक लहर इस साल मार्च में दुनिया में आई और लगभग जून तक चली। इस दौरान दुनिया भर में लगभग 47.4 मिलियन मामले सामने आए जबकि 9 लाख से अधिक लोगों ने वायरस के कारण दम तोड़ दिया। लगभग उसी समय भारत महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा था जिसके कारण पूरे देश में बड़े पैमाने पर तबाही हुई और मौतें हुईं।

कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा
जबकि टीकाकरण में वृद्धि के कारण कोविड के कारण होने वाली मौतें अब पिछली लहरों की तुलना में कम हैं। मगर यहां पर भी एक डर सामने आ रहा है कि क्या वैक्सीन इस ओमीक्रॉन वेरिएंट पर प्रभावी होगी। सवाल ये इसलिए उठ रहा है कि ओमीक्रोन के ढेर सारे म्यूटेशन के टलते वैक्सीन का प्रभाव भी कम होता दिख रहा है।

भारत में कम हो रहा है कोरोना
भारत में, कोविड की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है क्योंकि देश में मामलों में गिरावट जारी है। नवंबर में भारत ने मई 2020 के बाद से 18 महीनों में सबसे कम नए कोविड -19 मामले दर्ज किए। महीने के दौरान सिर्फ 3.1 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, अक्टूबर के दौरान 5.2 लाख संक्रमणों से 40% की गिरावट दर्ज की गई। इस साल मई में दूसरी लहर के चरम के बाद से भारत में कोरोनोवायरस के मामलों में गिरावट का यह लगातार छठा महीना है।

 

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