रूसी सेना में तैनात हुआ आग उगलने वाला महाशक्तिशाली टर्मिनेटर टैंक, अब दुश्मनों की खैर नहीं

यूक्रेन के साथ बढ़ते तनाव के बीच रूस ने अपने घातक बीएमपीटी टर्मिनेटर टैंक को सेना में कमीशन कर दिया है। सितंबर में “Zapad-2021” नाम के युद्धाभ्यास के दौरान रूसी सेना ने इस टैंक को ऑपरेशनल मंजूरी दे दी थी। सेंट्रल मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कमांडर कर्नल-जनरल अलेक्जेंडर लैपिन ने ऐलान किया है कि रूसी सेना ने टर्मिनेटर टैंक की पहली कंपनी (सेना की ईकाई) को यूराल में तैनात सेंट्रल मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के 90वें गार्ड्स टैंक डिवीजन में तैनात किया गया है। 90वें गार्ड टैंक डिवीजन की यूनिट्स सेवरडलोव्स्क और चेल्याबिंस्क क्षेत्रों में तैनात हैं। सेंट्रल मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के आर्मर्ड डिवीजन के कमांडर ने कहा कि रक्षा मंत्री के निर्णय और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के निर्देश पर रूसी आर्मर्ड फोर्सेज में नौ टर्मिनेटर टैंकों की पहली रेगुलर यूनिट को कमीशन किया गया है। इस कंपनी को आगे रेजिमेंट स्तर पर बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल जून में होने वाले युद्धाभ्यास में टर्मिनेटर टैंकों को बड़े पैमाने पर शामिल किया जाएगा।

टैंकों के साथ मिलकर कहर बरपाएगा टर्मिनेटर
उन्होंने कहा कि मुझे दृढ़ विश्वास है कि टर्मिनेटर टैंक बाकी आर्मर्ड गाड़ियों के साथ मिलकर युद्ध के मैदान में व्यापक भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहाडों और आबादी वाले इलाकों में प्रभावी हथियार के रूप में सफलतापूर्वक कई तरह के मिशन को पूरा करने में सक्षम है। टर्मिनेटर टैंकों की पहली खेप को पिछले साल दिसंबर में यूराल टैंक डिवीजन भेजा गया था। यहां इस हथियार के परिचालन मूल्यांकन और ट्रेनिंग कराई गई। परीक्षण के दौरान इस टैंक ने कई कीर्तिमान स्थापित किए। इस टैंक की मारक क्षमता और उबड़-खाबड़ इलाकों में इसके इस्तेमाल को देखते हुए रूसी अधिकारियों ने सेना में ‘टर्मिनेटर’ टैंक सपोर्ट फाइटिंग व्हीकल की एक रेगुलर कंपनी को स्थापित करने का निर्णय लिया। यह टैंक युद्ध के दौरान न केवल टैंकों के साथ दुश्मनों पर कहर बरपाएगा, बल्कि शांतिकाल में भी सीमा इलाकों में गश्त कर सकता है।

बेहद खतरनाक है रूस का टर्मिनेटर टैंक
बीएमपीटी टर्मिनेटर एक टैंक सपोर्ट फाइटिंग व्हीकल है। यह टैंक गोले बरसाने के साथ दुश्मनों के हेलिकॉप्टर और कम स्पीड से उड़ने वाले विमानों को भी मार गिराने में सक्षम है। इस टैंक को रूस की कंपनी Uralvagonzavod ने बनाया है। टर्मिनेटर के नाम से मशहूर यह टैंक शहरी क्षेत्र में लड़ाई के दौरान अपने दूसरे साथी टैंक्स और ऑर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल को नजदीकी सहायता प्रदान करता है। जिससे दुश्मनों के हेलिकॉप्टर, ड्रोन या कम ऊंचाई पर उड़ने वाले दूसरे हवाई जहाज निशाना नहीं बना पाते हैं। BMPT-72 टैंक को पहली बार 2013 में रूसी आर्म्स एक्सपो में प्रदर्शित किया गया था।

सीरिया में टर्मिनेटर ने दिखाई थी अपनी ताकत
टर्मिनेटर टैंक एक कॉम्बेट प्रूवन वेपन है। यानी युद्ध क्षेत्र में भी इस टैंक की महारत को साबित किया गया है। रूस ने इसे 2017 में सीरिया के युद्धग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किया गया था। सीरिया के हेममीम हवाई अड्डे पर जब सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद रूसी चीफ ऑफ जनरल जनरल वलेरी गेरासिमोव से मिले थे, तब उन तस्वीरों में यह टैंक दिखाई दिया था।

टर्मिनेटर टैंक को घातक बनाते हैं ये हथियार
टर्मिनेटर टैंक के प्रमुख हथियारों में 130 एमएम की एटाका-30 मिसाइल लॉन्चर दो 30 मिमी 2 ए 42 ऑटो-तोप शामिल हैं। जबकि, इस टैंक के दूसरे हथियारों में दो 30 मिमी एजी -17 डी ग्रेनेड लांचर और 7.62 मिमी पीकेटीएम मशीन गन हैं। इस टैंक को रूस की प्रसिद्ध टी-72 मेन बैटल टैंक के चेचिस पर बनाया गया है। टी-72 टैंक का उपयोग रूस-भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में किया जाता है। भारत समेत कई देश ऐसे भी हैं जो इस टैंक को लाइसेंस के तहत अपने ही देश में बनाते भी हैं।

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