43 साल बाद 5 को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा, दो आरोपियों की हो चुकी मौत

बांदा,

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कोर्ट ने हत्या के एक मामले में 43 साल बाद फैसला सुनाया है. इतने साल तक केस चलने के दौरान 2 आरोपियों की मौत भी हो चुकी है. कोर्ट ने पांच लोगों को दोष साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही बीस-बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.

बदौसा थाना क्षेत्र में ठेके के विवाद में एक व्यक्ति की मारपीट के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इस पर पुलिस ने 13 लोगों पर केस दर्ज किया था. यह मामला बांदा के एक कोर्ट में चल रहा था, तभी आरोपियों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था, लेकिन हाई कोर्ट ने भी जिले की अदालत को इस मामले में कार्यवाही का निर्देश दिया था. इस पर पुलिस ने 13 में से 7 आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया. इतने साल केस चलने के दौरान 2 आरोपियों की मौत हो चुकी है. इस पर कोर्ट ने शेष बचे 5 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 20- 20 हजार जुर्माना भी लगाया है.

मामले की पैरवी कर रहे सरकारी वकील (ADGC क्रिमिनल) देवदत्त मिश्र ने बताया कि 11 सितंबर 1979 को जरैला गांव थाना बदौसा का एक युवक दुकान पर कपड़ा खरीदने गया था, तभी कुछ लोगों ने लाठी, डंडों व बरछी से हमला कर दिया था. इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था. इन लोगों के बीच तेंदू के पत्तों की ठेकेदारी को लेकर विवाद चल रहा था. घटना के बाद मृतक के पिता की शिकायत पर 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

पुलिस ने जांच के दौरान 7 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल किया. इसके बाद मामले में हाई कोर्ट से स्टे हो गया था. 43 साल बाद इस केस का डिस्पोजल हुआ है. सात आरोपियों में से 2 की मौत हो चुकी है. वहीं पांच को कोर्ट ने दोष साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया है. सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है

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