केदारनाथ में पिट्ठू से गिरकर 5 साल के बच्‍चे की गई जान, आखिर हुआ क्या था!

रुद्रप्रयाग

उत्तराखंड में इस समय चार धाम यात्रा चल रही है। इस यात्रा को लेकर तमाम तैयारियों को पूरा कराया गया है। उत्तराखंड सरकार की ओर से केदारनाथ धाम समेत चारों धाम की यात्राओं को लेकर एसओपी जारी किया गया है। इस बार भारी संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं के कारण कई चीजों की जानकारी नहीं रखी जा रही है। ऐसे में केदारनाथ पैदल मार्ग पर पांच साल के बच्चे की खाई में गिरने से मौत का मामला गहरा रहा है। इस मामले में एक नेपाली मजदूर पर आरोप लगा है। वह बच्चे को कंडी में लेकर जा रहा था। अब तक उस मजदूर की पहचान नहीं हो पाई है।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर बच्चे की मौत के मामले में जो बात सामने आई है, उससे साफ है कि आगे निकलने की होड़ में कई बार जोखिम उठाया जा रहा है। नेपाली मजदूर बच्चे को कंडी में बैठाकर ले जा रहा था। उसका पांव फिसलने के कारण बच्चे के 250 मीटर गहरी खाई में गिरने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिरी कंडी में बच्चे को लेकर चलने वाला मजदूर इतने किनारे क्यों चल रहा था? बच्चे के खाई में गिरने के बाद वह फरार क्यों हो गया? पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस मामले में उठ रहे सवालों ने श्रद्धालुओं के मन में परेशानी बढ़ा दी है।

क्या है पूरा मामला
सोनप्रयाग थाना प्रभारी सुरेश चंद्र बलूनी के अनुसार, एक जुलाई को यूपी के आगरा के रामबाग के यमुना कॉलोनी निवासी विजय कुमार गुप्ता पत्नी और दो बच्चों के साथ केदार बाबा के दर्शन के लिए आए थे। गौरीकुंड से घोड़े में चले, लेकिन भीमबली में सभी उतर गए। पैदल चलने के दौरान पांच साल के शिवाय गुप्ता के दर्द होने लगा। वह पैदल नहीं चल पा रहा था। विजय कुमार गुप्ता ने उसके लिए नेपाली मजदूर की कंडी बुक कर ली।

विजय गुप्ता पैदल चल रहे थे। बड़ी लिनचोली के पास मजदूर का पांव फिसला और बच्चा 250 मीटर गहरी खाई में गिर गया। घटना के बाद मजदूर फरार हो गया। बच्चे के खाई में गिरने की जानकारी मिलते ही पीछे चल रहे माता-पिता भागते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और एसडीआरएफ की जांच में लिनचोली के पास 200 मीटर नीचे गहरी खाई में बच्चे के शव को बरामद किया गया।

मजदूर की आईडी नहीं होने से पहचान का संकट
मृतक बच्चे के परिजनों के पास नेपाली मजदूर की कोइ पहचान नहीं थी। इससे पुलिस को मजदूर की पहचान करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। सोनप्रयाग थाना प्रभारी बलूनी का कहना है कि मजदूर की पहचान मृतक बच्चे के अभिभावकों के पास नहीं है। अभिभावकों की जानकारी के आधार पर मजदूर के हूलिया के आधार पर खोजबीन की जा रही है। अज्ञात नेपाली मजदूर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

एसपी ने तीर्थयात्रियों से की अपील
रुद्रप्रयाग के एसपी आयुष अग्रवाल ने कहा कि तीर्थयात्री स्वयं या परिवार के किसी सदस्य को घोड़े, खच्चर या डंडी-कंडी में बैठाते हैं तो आईडी जरूर लें। उन्होंने कहा कि संबंधित मजदूर, हॉकर और डंडी-कंडी संचालक की आईडी और फोटो जरूर ले लें। इससे किसी भी परेशानी की स्थिति में ऐसे लोगों के पास तक आसानी से पहुंचा जा सके।

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