काश! वो कैच नहीं छोड़ते हनुमा विहारी तो भारत रच देता इतिहास, अंग्रेज भी रखते याद

जसप्रीत बुमराह की कप्तानी और राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारतीय टीम इंग्लैंड में 15 साल बाद इतिहास रचने से चूक गई। टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस तरह मेजबान इंग्लैंड ने आखिरी टेस्ट को जीतकर सीरीज 2-2 से बराबर कर दिया। टीम इंडिया के पास 2007 के बाद फिर से मौका था कि वह इंग्लैंड को उसके घर में टेस्ट सीरीज में मात दे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

बता दें कि भारतीय टीम ने इंग्लैंड को चौथी पारी में 378 रनों का मजबूत लक्ष्य दिया था लेकिन फील्डरों से हुई लगातार गलतियों के कारण टीम इंडिया मैच पर से अपनी पकड़ खो दी। खास तौर से जॉनी बेयरस्टो का कैच छुटना भारत के लिए काफी महंगा पड़ा। चौथी पारी में बेयरस्टो को मैच में दो बार जीवनदान मिला। इंग्लैंड के लिए बेयरस्टो ने चौथी पारी में 114 रनों की नाबाद पारी खेली।

दोनों पारियों में इंग्लैंड के लिए शतक लगाने वाले बेयस्टो को दूसरी पारी के शुरुआत में हनुमा विहारी से जीवनदान मिला जब स्लिप में वह उनका कैच नहीं लपक पाए। बेयरस्टो उस समय सिर्फ 14 रन के स्कोर पर ही पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें 39 रन के स्कोर पर ऋषभ पंत एक मौका मिला। इस तरह टीम इंडिया को फील्डिंग में हुई गलतियों का खामियाजा मैच हारकर भुगतना पड़ा।

बल्लेबाजी में फ्लॉप रहे हनुमा विहारी
सिर्फ फील्डिंग ही नहीं विहारी भारतीय टीम के लिए बल्लेबाजी में भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर सिर्फ 31 रन बना सके।विहारी मैच में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। नियमित ओपनर रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में चेतेश्वर पुजारा टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे इस कारण विहारी बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आए थे।

सीरीज में 2-1 से आगे था भारत
भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की इस टेस्ट सीरीज में 2-1 से आगे चल रही थी। पिछले साल इंग्लैंड दौरे पर गई भारत ने अपना दबदबा बनाया था। सीरीज में सिर्फ चार मैच ही खेले गए थे। आखिरी मैच कोरोना महामारी के नहीं खेला जा सका था जो इस दौरे पर खेला गया।

पांचवें टेस्ट में भारतीय टीम की शुरुआत शानदार रही थी। टॉस हारने के बाद इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 416 रन का स्कोर खड़ा किया था और 132 रनों की मजबूत बढ़त हासिल की थी लेकिन दूसरी पारी में टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और सिर्फ 245 रन ही बना सकी और इंग्लैंड के सामने 378 रनों का लक्ष्य मिला।

लक्ष्य पीछा करने उतरी इंग्लैंड के लिए ओपनर बल्लेबाज एलेक्स लीस और जैक क्राउले के बीच 107 रनों की शतकीय साझेदारी हुई। लीस ने टीम के लिए 56 रन बनाए जबकि क्राउले ने 46 रनों का योगदान दिया। हालांकि ओली पोप बिना कोई रन बनाए आउट हुए।

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