स्कूल में बढ़े मुस्लिम बच्चे तो बंद करवा दी गई हाथ जोड़कर प्रार्थना, शिक्षा विभाग पहुंचा मामला

गढ़वा,

झारखंड के गढ़वा जिले में एक सरकारी स्कूल में प्रार्थना को लेकर विवाद सामने आया है. राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में प्रार्थना के दौरान बच्चे हाथ जोड़ कर नहीं, बल्कि हाथ बांधकर ‘तू ही राम है तू ही रहीम है’ प्रार्थना करते हैं. इसको लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे.

बताया जा रहा है कि इस स्कूल में अल्पसंख्यकों की आबादी ज्यादा होने के कारण प्रार्थना के तरीके में ये बदलाव लाया गया था. इस स्कूल में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र-छात्राएं मुस्लिम समुदाय से आते हैं इसलिए कई वर्षों से इस विद्यालय में प्रार्थना के दौरान बच्चे हाथ जोड़कर नहीं बल्कि हाथ बांध कर प्रार्थना करते थे. जैसे ही स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी मिली शिक्षा विभाग की टीम जांच के लिए पहुंच गई.

अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को लगभग पांच घंटे तक विद्यालय पहुंच कर इस मामले की गहराई से छानबीन की जिसमें यह बात सामने आई कि यहां बीते 9 वर्षों से ऐसा हो रहा था. हालांकि ऐसा करने की इजाजत किसने दी या और किसके दबाव में यह नियम बनाया गया, यह किसी ने नहीं बताया.

स्कूल के हेडमास्टर जुगेश्वर राम ने बताया कि विद्यालय में अधिकतर बच्चे मुस्लिम समुदाय से आते हैं, यहां जब प्रार्थना होती है तो लोग हाथ नहीं जोड़ते हैं बल्कि सभी हाथ बांध लेते है. उन्होंने कहा, मैंने पहल की थी, लेकिन लोग नहीं माने तो मैंने भी छोड़ दिया. विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं ने भी कहा कि हमलोग हाथ बांधकर प्रार्थना करते हैं सर बोलते हैं, इसलिए करते हैं.

वहीं इस मामले को लेकर कोरवाडीह पंचायत के मुखिया शरीफ अंसारी ने कहा कि यह जानकर मैं हैरान हूं. इस गांव में गंगा-जमुनी तहजीब है, स्कूल नियम से चलेगा किसी कहने से नहीं, यदि किसी ने इस तरह कुछ कहा है तो हम उसे चिह्नित करेंगे, प्रार्थना और दुआ से इस गांव की बदनामी नहीं होने देंगे, ऐसा होगा तो मुखिया पद से इस्तीफा दे देंगे.

दूसरी तरफ विद्यालय से निकले पूर्व छात्र जहूर ने कहा कि जब हम लोग छोटे थे तो हाथ जोड़कर ही प्रार्थना किया करते थे और हाथ नहीं बांधते थे. विद्यालय में इस तरह की घटना होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी दलबल के साथ स्कूल पहुंचे और गहनता से जांच की.

पूरे स्कूल के बच्चों को फिर से बुलाकर मुखिया के द्वारा समझाया गया कि प्रार्थना हाथ जोड़ कर ही करना है, हाथ बांधकर नहीं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी मयंक भूषण ने कहा कि खबरें मिली थी तो डीसी साहब के निर्देश पर हमलोग यहां आए थे. सभी लोगों के सामने जैसे पहले प्रार्थना होती थी वैसे ही हाथ जोड़कर प्रार्थना कराई गई और भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए सभी को निर्देश दिया गया.

About bheldn

Check Also

सीएम नीतीश कुमार की बिगड़ी तबीयत, पटना के मेदांता अस्पताल में कराया गया भर्ती

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शनिवार सुबह अचानक से तबीयत खराब होने के …