फैक्ट चेकर जुबैर की गिरफ्तारी पर जर्मनी के तीखे बोल, भारत बोला- यह सही नहीं है

नई दिल्ली

भारत ने फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर जर्मन विदेश मंत्रालय की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत सरकार ने गुरुवार को इसे “एक आंतरिक मुद्दा” बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि मामला अदालत के समक्ष है इसलिए इस पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है। बागची ने कहा, “यह हमारा आंतरिक मामला है। मामला अदालत के समक्ष है। हमारी कानूनी व्यवस्था स्वतंत्र है। इस पर कोई भी टिप्पणी अनुपयोगी है। यह सही नहीं है।” जर्मन विदेश मंत्रालय ने मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया था।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह मेरे या किसी और के लिए टिप्पणी करना उचित होगा। हमारी न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सब जानते हैं और बिना जानकारी के टिप्पणियां करना अनुपयोगी हैं और इससे बचा जाना चाहिए।”

क्या बोला था जर्मनी
जर्मन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था, “स्वतंत्र रिपोर्टिंग किसी भी समाज के लिए फायदेमंद है और उस पर प्रतिबंध लगाना चिंता का विषय है। पत्रकारों को उनके कहने और लिखने के लिए सताया और कैद नहीं किया जाना चाहिए। हम वास्तव में इस खास मामले से अवगत हैं और नई दिल्ली में हमारा दूतावास इस पर बहुत बारीकी से नजर बनाए हुए है।” जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भारत खुद को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताता है इसलिए उससे उम्मीद की जाती है कि वह अभिव्यक्ति की आजादी और प्रेस की स्वतंत्रता जैसे लोकतांत्रिक मूल्यों को अपने यहां तरजीह दे।

जर्मनी के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता क्रिश्चियन वैगनर ने कहा, “हम अक्सर दुनिया भर में अभिव्यक्ति की आजादी पर जोर देते हैं और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर प्रतिबद्ध हैं। यह बहुत जरूरी है और यह भारत पर भी लागू होता है। किसी भी समाज के लिए यह जरूरी है कि वहां बिना किसी रोक-टोक और दबाव के पत्रकारिता हो लेकिन ऐसा नहीं हो पाना, चिंता का कारण है।”

ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक जुबैर ने जमानत के लिए न्यायालय का रुख किया
बता दें कि इस बीच सुप्रीम कोर्ट, ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए दर्ज एक मामले के संबंध में, उनकी जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। जुबैर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में मामला दर्ज हुआ है। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी की अवकाशकालीन पीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश की मंजूरी के बाद मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।

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