प्रणाम किया, नारियल पर तिलक लगाया, देखें सिंधियां ने इस्पात मंत्रालय का कैसे संभाला प्रभार

नई दिल्ली

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को इस्पात मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले 51 वर्षीय सिंधिया के पास पहले से नागरिक उड्डयन मंत्रालय का प्रभार है। इसके साथ ही मोदी कैबिनेट में उनकी हैसियत में इजाफा हो गया है।

उद्योग भवन में स्थित इस्पात मंत्रालय के कार्यालय में सिंधिया ने पूरे विधि-विधान से कार्यभार संभाला। उन्होंने अपनी मेज पर भगवान गणेश की प्रतिमा रखी। प्रतिमा के सामने नारियल रखा। फिर चंदन का टीका लगाया और झुककर भगवान को प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने पदभार संभाला।

कार्यभार संभालते ही हुए एक्टिव
सिंधिया के कार्यभार संभालने के मौके पर इस्पात सचिव संजय कुमार सिंह और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। पदभार संभालने के ठीक बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया और कुछ फाइलों पर हस्ताक्षर भी किए।

मोदी सरकार में तीसरे इस्पात मंत्री
सिंधिया मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार में तीसरे इस्पात मंत्री हैं। पूर्व इस्पात मंत्री राम चंद्र प्रसाद सिंह ने राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने से एक दिन पहले, बुधवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सिंधिया को इसका अतिरिक्त प्रभार देने का फैसला प्रधानमंत्री ने किया था।

जुलाई, 2021 में मोदी कैबिनेट में हुए शामिल
ज्योतिरादित्य सिंधिया सात जुलाई, 2021 को मोदी कैबिनेट में शामिल हुए थे। उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। उनके पिता माधवराव सिंधिया भी केंद्र सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहे थे। पी वी नरसिम्हा राव की सरकार में 1991 में माधवराव सिंधिया को सिविल एविएशन मिनिस्टर बनाया गया था।

एमपी में तख्तपलट का मिला था इनाम
मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनने के करीब 17 महीने पहले सिंधिया कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए थे। उनके साथ एमपी में कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी। सिंधिया के पालाबदल के चलते प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी और शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री बने थे।

About bheldn

Check Also

प्रियंका गांधी पहली बार लड़ेंगी चुनाव, वायनाड से पॉलिटिकल डेब्यू को लेकर कांग्रेस ने बनाया खास प्लान

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी वायनाड सीट छोड़ेंगे और रायबरेली से सांसद बने …