सेल्फ डिफेंस फोर्स का सदस्य रह चुका है शिंजो आबे पर गोली चलाने वाला

नई दिल्ली,

जापान के पूर्व PM शिंजो आबे की हालत इस वक्त बेहद नाजुक बनी हुई है. 67 साल के शिंजो पर एक रैली में भाषण के दौरान आज हमला हुआ था. यहां शिंजो आबे के पीछे खड़े हमलावर ने दो गोलियां चलाईं, इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़े. घटनास्थल से ही संदिग्ध हमलावर को पकड़ लिया गया था. उसके बारे में अब अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं.

संदिग्ध हमलावर की उम्र 41 साल बताई जा रही है. उसका नाम Yamagami Tetsuya है. उसपर अभी हत्या की कोशिश की धाराएं लगी हैं. हमलावर सेल्फ डिफेंस फोर्स का सदस्य रह चुका है. जिस बंदूक से हमला हुआ वह मौके से बरामद कर ली गई. वह एक शॉटगन है.

संदिग्ध Yamagami Tetsuya नारा शहर का ही रहने वाला है. खबरों के मुताबिक, संदिग्ध समुद्री आत्मरक्षा बल में रह चुका है. उसने 2005 तक करीब तीन साल वहां काम किया था.पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में Yamagami Tetsuya ने बताया है कि वह पूर्व पीएम के कुछ बातों को लेकर नाराज था और उनकी जान लेना चाहता था.

जब गोली चली तब शिंजो आबे के आसपास मौजूद सभी लोग घबरा गये थे. उनको जल्द से जल्द हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन इतनी देर में उनके शरीर से काफी खून बह चुका था.हो सकता है कि हमलावर ने पहले से इस हमले की प्लानिंग की हो. क्योंकि शिंजो आबे का आज नारा शहर में आना तय था. गुरुवार को ही Liberal Democratic Party की तरफ से इसकी जानकारी उनके समर्थकों को दी गई थी.

शिंजो आबे के दिल ने काम करना किया बंद
गोली लगने के बाद जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (उम्र 67 साल) का हालत नाजुक है. फिलहाल शिंजो आबे की हालत नाजुक है. उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया है. उनकी सांसें भी नहीं चल रही थीं. फिलहाल उनको दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है.

शिंजो आबे पर यह हमला नारा शहर में हुआ. बता दें कि जापान में रविवार को उच्च सदन के चुनाव होने हैं. इसके लिए शिंजो आबे वहां कैंपेनिंग कर रहे थे. हमला भाषण के दौरान ही हुआ. शिंजो आबे के अचानक ऐसे गिरने से वहां मौजूद लोगों को कुछ समझ नहीं आया. लेकिन इसी दौरान कुछ लोगों ने वहां गोली चलने जैसी कुछ आवाज सुनी. बाद में साफ हो गया कि आबे को गोली मारी गई है.

2020 में शिंजो आबे ने दिया था इस्तीफा
शिंजो आबे ने साल 2020 में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने ऐसा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने के चलते किया था. वह लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. वह जापान के सबसे लंबे वक्त तक पीएम रहने वाले नेता हैं.जापान के साथ भारत के पहले से दोस्ताना संबंध रहे हैं. शिंजो आबे के कार्यकाल के दौरान भी रिश्ते मधुर थे. इसी वजह से पिछले साल ही भारत ने शिंजो आबे को पद्म विभूषण से सम्मानित किया था.

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