महाराष्‍ट्र: शिवसेना में बगावत के बवंडर के बाद अब कांग्रेस में हुआ घमासान

मुंबई

महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना की बगावत का बवंडर अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ है कि एमवीए के घटक दल कांग्रेस में भी घमासान शुरू हो गया। कांग्रेस ने अपने उन 11 विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जो शिंदे सरकार के बहुमत के लिए हुए फ्लोर टेस्ट में अनुपस्थित रहे थे। उनसे पूछ गया है कि आखिर पार्टी केस्टैंड के खिलाफ जाने का क्या कारण था। इस बीच, गुरुवार को कांग्रेस नेता नाना पटोले, चंद्रकांत हंडोरे और नसीम खान ने दिल्ली में पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात की है।

सूत्रों का कहना है कि जल्द ही महाराष्ट्र और मुंबई कांग्रेस में बड़े बदलाव हो सकते हैं। विधानपरिषद चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग और पार्टी के नंबर एक उम्मीदवार चंद्रकांत हंडोरे की हार को लेकर पहली गाज महाराष्ट्र विधानमंडल में कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोरात पर गिर सकती है। हालांकि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जब पार्टी को हंडोरे को विधानपरिषद की उम्मीदवारी और 29 वोटों का कोटा दिया था, तब हंडोरे ने खुद ही अपनी पसंद के 29 विधायक चुने थे।

राहुल गांधी से म‍िल रहे कांग्रेस नेता
गुरुवार को नाना पटोले ने राहुल गांधी से मुलाकात की। इससे पहले नसीम खान और चंद्रकांत हंडोरे भी राहुल से मिले थे। मुलाकात के बाद पटोले ने ट्वीट किया, ‘विधानपरिषद चुनाव में हंडोरे की हार को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। हाई कमान जल्द ही इस हार की समीक्षा करके इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।’ पूर्व मंत्री नसीम खान ने बताया, ‘हमने राहुल को मुंबई और महाराष्ट्र की गतिविधियों से अवगत कराया है। नेतृत्व महाराष्ट्र की घटनाओं को लेकर काफी नाराज है।’

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने कहा क‍ि कांग्रेस ने हंडोरे के लिए 29 वोटों का कोटा तय किया था। उन्हें 22 वोट मिले। क्रॉस वोटिंग करने वाले 7 विधायकों की तहकीकात होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा क‍ि जल्द ही दिल्ली से केंद्रीय पर्यवेक्षक मुबंई आएंगे और सारे घटनाक्रम की समीक्षा करेंगे। उनकी रिपोर्ट पर पार्टी नेतृत्व आगे फैसला करेगा। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा क‍ि पार्टी के चिंतन शिविर में अनुशासन के बारे में सबको स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। अब हाई कमान को पार्टी के हित में कदम उठाना चाहिए।

पृथ्वीराज चव्हाण ने उठाया था मामला
पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बुधवार को यह मामला उठाया था। उन्होंने विधानपरिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 7 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उनकी इस मांग का समर्थन पार्टी के भीतर से भी हो रहा है। महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव जाकिर अहमद ने एनबीटी से कहा, ‘पृथ्वीराज चव्हाण पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने सभी कांग्रेसजन की आवाज हाई कमान के तक पहुंचाई है। कांग्रेसजन चाहते हैं कि मुंबई के महापौर और महाराष्ट्र के मंत्री रह चुके तथा दलित समाज की सशक्त आवाज चंद्रकांत हंडोरे को न्याय मिलना चाहिए।’

मुख्यमंत्री शिंदे पहुंचे सीएमओ
नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुरुवार को पहली बार मंत्रालय स्थित अपने ऑफिस (सीएमओ) पहुंचे। इस मौके पर सीएमओ को फूलों से सजाया गया था। वहां छोटी सी पूजा भी की गई। मुख्यमंत्री के ऑफिस में शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की एक बड़ी तस्वीर और उसके बराबर में शिंदे के राजनीतिक गुरु आनंद दिघे की तस्वीर लगाकर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि शिंदे अब भी शिवसेना के साथ ही हैं। मंत्रालय में शिंदे ने छत्रपति शिवाजी महाराज और बाबासाहेब आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की।

ठाणे के 66 नगरसेवक शिंदे के साथ
शिवसेना को ठाणे में जोरदार झटका लगा है। शिवसेना के 66 मौजूदा नगरसेवकों ने बुधवार को एकनाथ शिंदे से उनके ठाणे स्थित घर पर मुलाकात करके उनके साथ होने की बात कही। इनमें पूर्व महापौर नरेश म्हस्के और अशोक वैती भी हैं। नगरसेविका नंदिनी विचारे नहीं गईं। वह सांसद राजन विचारे की पत्नी हैं। विचारे को लोकसभा में भावना गवली की जगह शिवसेना का चीफ विप नियुक्त किया गया है। चर्चा है कि राजन विचारे को जल्द ही ठाणे जिला शिवसेना प्रमुख बनाया जा सकता है।

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