काला चश्मा, काला कोट पहन जेम्स बांड बने देवेंद्र, अमृता फडणवीस के खुलासे से भड़की शिवसेना!

मुंबई

महाराष्ट्र में जब से उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफा दिया है। तब से ही शिवसेना और बागी गुट के बीच जमकर घमासान चल रहा है। अब राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में एकनाथ शिंदे ने बीजेपी की मदद से शपथ लेकर कार्यभार भी संभाल लिया है। इस बीच, देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उनके एक बयान के बाद उपमुख्यमंत्री महाविकास अघाड़ी के निशाने पर आ गए हैं। अजित पवार ने पुणे से तो शिवसेना सामना के जरिये फडणवीस पर निशाना साधा है। शिवसेना ने सामना में लिखा है कि एकनाथ शिंदे ने विधायकों के साथ जो बगावत की इसका भाजपा (BJP) से संबंध नहीं है, ऐसा कहने वाले भाजपाइयों की पोल खुल चुकी है। शिंदे ने खुद ही पर्दे के पीछे की सारी साजिश विधानसभा में खोलकर रख दी और अब श्रीमती अमृता फडणवीस ने भी घर का गुप्त राज सार्वजनिक कर दिया है।

जेम्स बांड बने देवेंद्र फडणवीस
शिवसेना ने सामना में लिखा है कि इस पूरे दौर में देवेंद्र फडणवीस रात-बिरात वेश बदलकर शिंदे से मिलने बाहर जाते थे।’ काला कोट, काला चश्मा, फेल्ट हैट जेम्स बांड बने देवेंद्र, अमृता फडणवीसइस तरह जेम्स बॉन्ड अथवा शेरलॉक होम्स जैसा वेश बनाकर वे बाहर निकलते रहे होंगे। उनके मुंह में सिगार वगैरह और हाथ में नक्काशीदार छड़ी होती थी क्या? इसका खुलासा होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी कपड़ों के व रूप बदलकर घूमने के शौकीन हैं, परंतु फडणवीस भी वही करने लगे। उन्होंने शिंदे से मिलने जाने के दौरान कई बार नकली दाढ़ी और मूंछें भी लगाई होंगी। इन तमाम रहस्यों से उनकी पत्नी श्रीमती अमृता फडणवीस ने पर्दा नहीं उठाया होता तो इस महान कलाकार से महाराष्ट्र का परिचय नहीं हुआ होता। श्रीमती फडणवीस का जितना आभार माना जाए उतना कम ही है।

मोदी की तरह भेष बदल रहे हैं फडणवीस
सामना ने लिखा है कि मोदी का अनुकरण उनके लोगों को कितना करना चाहिए, ये देखें। फडणवीस ने महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन कराने के लिए जो वेश बदला वो तमाम कपड़े और दूसरी सामग्री आनेवाली पीढ़ी के लिए किसी संग्रहालय में ही रखनी चाहिए। बगदाद के खलीफा हारुन-अल-रशीद कई बार वेश बदलकर अपने राज्य में रात में घूमते थे। परंतु वे क्यों घूमते होंगे? अपने राज्य का प्रशासन, सरदार प्रजा से सही बर्ताव कर रहे हैं न? प्रजा की समस्या क्या है? अपना शासन सुचारू ढंग से चल रहा है न? राज-काज करने के दौरान कोई हमें फंसा तो नहीं रहा है न? ये जानने के लिए।

परंतु नागपुर व ठाणे के हारुन-अल-रशीद वेश बदलकर मिलते थे, तो बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को तोड़ने की साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए। हारुन-अल-रशीद एक महान खलीफा होने के साथ-साथ बगदाद के लिए जिस तरह से अच्छे राजा थे उसी तरह चोर और लुटेरों की भी भरमार थी। ‘थीफ ऑफ बगदाद’ अथवा ‘अलीबाबा चालीस चोर’ की तमाम कहानियां एवं दंत कथाएं बगदाद से ही संबंधित हैं इसलिए महाराष्ट्र को मिले नए हारुन-अल-रशीद निश्चित तौर पर क्या करेंगे?

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