गोवा में होने वाला था महाराष्ट्र जैसा खेल, कांग्रेस विधायकों के लिए तैयार था चार्टर प्लेन!

पुणे,

गोवा में कांंग्रेस के लिए बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है. पार्टी के कई विधायक बागी तेवर दिखा रहे हैं, उनके बीजेपी में जाने के कयास भी लग रहे हैं. कांग्रेस हाईकमान को भी इसकी भनक लग गई थी, इसी वजह से माइकल लोबो को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया गया, वहीं दिगंबर कामत पर भी एक्शन लेने की बात हुई. लेकिन ये सियासी तूफान अभी नहीं थमने वाला है. कांग्रेस की तरफ से बीजेपी पर एक और बड़ा आरोप लगा दिया गया है. दावा हुआ है कि कांग्रेस के बागी विधायकों के लिए एक चार्टर प्लेन तैयार था, कल उन्हें शाम 4 बजे कोल्हापुर एयरफील्ड से ले जाने की तैयारी थी.

इस बारे में GPCC अध्यक्ष अमित पाटकर कहते हैं कि हमे ऐसी जानकारी मिली थी कि एक चार्टर प्लेन तैयार कर लिया गया था. उसकी उड़ान की परमीशन भी मिल गई थी. वो प्लेन महाराष्ट्र से उड़ान भरने वाला था. हमे जो जानकारी मिली है कि उसके मुताबिक कल चार या साढ़े चार बजे वो प्लेन उड़ान भरने वाला था. लेकिन ऐन वक्त पर कुछ वफादार कांग्रेस विधायकों ने हमे इस बारे में सूचित कर दिया. जब बागियों को भी अहसास हो गया कि वे आठ विधायक नहीं जुटा पा रहे हैं, उनका पूरा प्लान ही फेल हो गया.

लेकिन बीजेपी ने ऐसे तमाम दावों को और कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज कर दिया है. गोवा बीजेपी अध्यक्ष Sadanand Tanavade कहते हैं कि कांग्रेस को अपने विधायकों पर काबू करना चाहिए. मेरे पास कोई कांग्रेस विधायक नहीं आया जिसने बोला हो कि उसे बीजेपी में आना है. जब गोवा में हमारी पूर्ण बहुतम की एक सरकार चल रही है, ऐसी स्थिति में क्यों हमे और विधायकों की जरूरत पड़ेगी.

अब गोवा में इस समय कांग्रेस के ऊपर जो संकट आया है, इसके संकेत कुछ दिन पहले ही मिलना शुरू हो गए थे. सबसे पहले शनिवार को कांग्रेस ने अपने विधायकों की एक बैठक बुलाई थी. बजट सत्र से पहले कुछ मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उस बैठक का आयोजन हुआ था. लेकिन उस बैठक में सिर्फ सात विधायकों ने शिरकत की. पार्टी के कुल 11 विधायक हैं, लेकिन मीटिंग में सिर्फ सात पहुंचे. वहीं दिगांबर कामत जिन्हें गोवा का मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी थी, वे उस बैठक से गायब रहे. ऐसे में इसी मीटिंग के बाद गोवा कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बज गई थी.

इसके बाद रविवार को देर रात मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से माइकल लोबो की मुलाकात हो गई. उस मुलाकात पर प्रमोद सावंत ने तो ज्यादा खुलकर कुछ नहीं बोला, लेकिन सियासी गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया. अभी इस समय कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि वे अपने विधायकों को टूटने से बचा सके. सबसे पहला प्रयास तो ये है कि बागियों के पास किसी भी कीमत पर आठ विधायकों का समर्थन ना आ जाए.

इस बारे में अमित पाटकर ने कहा है कि हमने ये पहले ही सुनिश्चित कर लिया था किसी भी कीमत पर पार्टी में फूट ना पड़े. अभी के लिए अब कोई डिफेक्शन नहीं होने वाला है. अगर कोई जाना भी चाहता है तो उन्हें पहले इस्तीफा देना पड़ेगा और फिर दोबारा चुनाव के लिए उतरना पड़ेगा. इस बार हमे पहले से सारी जानकारी थी, इसलिए एक रणनीति तैयार थी.

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