कश्मीरियों ने आजादी की लौ जिंदा रखा…पाकिस्तानी PM ने भारत के खिलाफ फिर उगला जहर

इस्लामाबाद

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर शहीद दिवस के अवसर पर भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला है। शहबाज ने यौम-ए-शुहादा-ए-कश्मीर पर कश्मीरियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए झूठा आरोप लगाया कि भारत घाटी के लोगों पर अत्यातार कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कश्मीरियों ने ‘आजादी की लौ’ को जीवित रखा है। जबकि, सही बात यह है कि पाक अधिकृत कश्मीर में आए-दिन पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना निहत्थे कश्मीरियों पर गोली चला रही है। पाकिस्तान सरकार का विरोध करने वाले पीओके के निवासियों को रातों रात गायब कर दिया जाता है।

शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
शहबाज शरीफ ने ट्वीट किया कि कश्मीर शहीद दिवस उन बलिदानों की याद दिलाता है जो कश्मीरियों ने आत्मनिर्णय के अपने अटूट और संयुक्त राष्ट्र-स्वीकृत अधिकार के लिए दिए हैं। उन्होंने ट्वीट में झूठ पर झूठ बोलते हुए हुए दावा किया कि भारतीय ‘अत्याचार’ और ‘उत्पीड़न’ के सामने कश्मीरियों ने पीढ़ियों से स्वतंत्रता की लौ को जीवित रखा है। शहबाज शरीफ के बेटे और पंजाब सूबे के मुख्यमंत्री हमजा शहबाज ने भी कश्मीर के लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शेखी बघारते हुए दावा किया कि हमारा दिल बहादुर कश्मीरियों के साथ धड़कता है।

कश्मीर को लेकर पाकिस्तानी विदेश कार्यालय भी पीछे नहीं
कश्मीर को लेकर जहर उगलने में पाकिस्तान का विदेश कार्यालय भी पीछे नहीं रहा। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार और लोग शहीद दिवस मना रहे हैं। वे उन 22 कश्मीरियों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं जिन्होंने डोगरा बलों के 1931 में उन पर अंधाधुंध बल का सामना करते हुए अंतिम बलिदान दिया था। कार्यालय ने यह भी कहा कि इस दुख के दिन पर हम नियंत्रण रेखा के दोनों ओर अपने कश्मीरी भाइयों के साथ 1931 के शहीदों के योगदान की स्मृति में शामिल होते हैं।

भारत पर लगाए झूठे आरोप
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय इतने पर ही नहीं रूका। उसने कश्मीर को लेकर अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए प्रॉपगैंडा फैलाने की पूरी कोशिश की। कार्यालय ने दावा किया कि भारत 9 लाख सैनिकों के दम पर गलत तरीके से अपने कब्जे में बनाए हुए है। इतना ही नहीं, बयान में 5 अगस्त, 2019 का भी जिक्र किया गया है, जिस दिन भारत ने जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने का ऐलान किया था। पाकिस्तान ने दावा किया कि उस दिन भारत की अवैध और एकतरफा कार्रवाई कश्मीरी लोगों को उनकी विशिष्ट पहचान से वंचित करने और उन्हें अपनी ही भूमि में अल्पसंख्यक में बदलने का एक और प्रयास था।

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