सुकेश चंद्रशेखर से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- जब जेल में थे तो किसने ऐंठे पैसे? तिहाड़ अधिकारियों के नाम बताओ

मुंबई

सुप्रीम कोर्ट ने कथित ‘ठग’ सुकेश चंद्रशेखर को उन व्यक्तियों की सूची उपलब्ध कराने का बुधवार को निर्देश दिया जिन्हें उसकी ओर से भुगतान किए गए। कोर्ट ने इसके साथ ही यह भी बताने को कहा कि उसने उन लोगों को किनके माध्यम से भुगतान किया। चंद्रशेखर ने दावा किया है कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में कुछ अधिकारियों ने उससे 12.5 करोड़ रुपये ऐंठे हैं। शीर्ष अदालत ने चंद्रशेखर से सवाल किया कि आखिरकार उसकी ओर से किसने पैसों का भुगतान किया। न्यायालय ने कहा कि वह ‘मामले की जड़’ में जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट चंद्रशेखर और उनकी पत्नी की उस याचिका की सुनवाई कर रही है जिसमें उन्होंने अपनी जान के कथित खतरों के मद्देनजर तिहाड़ जेल से कहीं और स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति एस. आर. भट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा, ‘हम याचिकाकर्ता को उन व्यक्तियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश देते हैं, जिन्हें भुगतान किया गया।’

‘अगली सुनवाई तक जानकारी दें’
कोर्ट ने कहा, ‘इसके साथ ही, हम अपनी ओर से उन्हें किए गए भुगतान का विस्तृत ब्योरा देने का निर्देश देते हैं। याचिकाकर्ता यह भी बताएं कि किन्हें और किनके माध्यम से भुगतान किए गए। सुनवाई की अगली तारीख तक सभी ब्योरा पेश करें।’ चंद्रशेखर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर. बसंत ने शीर्ष अदालत से कहा कि याचिकाकर्ता को धमकी दी गई और उनसे तिहाड़ जेल में पैसे ऐंठे गए।

12.5 करोड़ रुपये की हुई ठगी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘आपके अनुसार, आपसे (याचिकाकर्ता से) कितना धन ऐंठा गया है?’ इस पर बसंत ने कहा कि आरोपों के अनुसार, यह राशि करीब 12.5 करोड़ रुपये है। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई की तारीख मुकर्रर करते हुए पूछा, ‘कौन लोग हैं, जिन्होंने आपकी ओर से भुगतान किए थे।’

तिहाड़ जेल से गोरखधंधा चलाने का आरोप
इस बीच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने पीठ से कहा कि चंद्रशेखर के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, जिसमें खुद को फर्जी जज के रूप में पेश करना भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘उसने (चंद्रशेखर ने) जेल से लोगों से ठगी की और 214 करोड़ रुपये ऐंठे।’ उन्होंने आगे कहा कि चंद्रशेखर तिहाड़ जेल से अन्य स्थानांतरित होना चाहता है ताकि वह अपना गोरखधंधा चला सके।’

पीठ ने कहा कि चंद्रशेखर के खिलाफ आरोप है कि वह कुछ अधिकारियों को रिश्वत देकर जेल से अपनी गतिविधियां चला रहा था। पीठ ने कहा, ‘हम दोनों पहलुओं की पड़ताल करना चाहते हैं।’ कोर्ट ने कहा, ‘हम निश्चित तौर पर उस व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, ताकि उसे इस तरह की किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।’

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