चीनी जासूसी कांड का मुख्‍य आरोपी जॉनसन अरेस्‍ट, मोबाइल प्रोसेसिंग चिप से चीन भेज रहा था डेटा

नोएडा

भारत में अवैध रूप से रह रहे चीन के नागरिकों की गिरफ्तारी के मामले की जांच कर रही एसटीएफ टीम ने इस मामले में रवि और जु-फाई के साथी जॉनसन को अरेस्‍ट कर लिया। एसटीएफ के एक अधिकारी के अनुसार, मामले की जांच में एसटीएफ के अलावा प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की जांच व खुफिया एजेंसियां भी जुटी हुई हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर ही बुधवार को जॉनसन की गिरफ्तारी की गई।

अधिकारी ने बताया कि एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी उससे गहनता से पूछताछ कर रहे हैं। जांच के दौरान पता चला है कि अवैध रूप से प्रोसेसिंग चिप वगैरह चीन भेजने के मामले में जॉनसन की बड़ी भूमिका है। उन्होंने बताया कि इन्हीं चिप के माध्यम से लाखों भारतीयों का डेटा चीन भेजने की आशंका है।

जॉनसन ने ही चाइनीज क्‍लब का कॉन्‍ट्रैक्‍ट किया था
अधिकारी ने बताया कि जॉनसन ने ही ग्रेटर नोएडा के घरबरा गांव में संचालित चाइनीज क्लब का अनुबंध एक नेता के बेटे से किया था। एसटीएफ नोएडा यूनिट के एसपी कुलदीप नारायण ने बताया कि नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी के बाद तीन दिन की हिरासत पर लिए गए चीन के दो नागरिकों से पूछताछ के बाद यह कार्रवाई हुई है।

मंगलवार को चीनी जासूस जेल भेजे गए
उन्होंने बताया कि मंगलवार को दोनों चीनी जासूसों की हिरासत अवधि पूरी होने पर उन्हें अदालत में पेश किया गया जहं से उन्हें जेल भेजा दिया गया। उन्होंने बताया कि इनसे हुई पूछताछ के आधार पर सेक्टर 63 से तीन चीनी नागरिकों को भी कल गिरफ्तार किया गया। तीनों नोएडा के सेक्टर-63 स्थित रवि नटवरलाल और जू फाई की फैक्टरी में काम करते थे।

साल 2020 में खत्‍म हो गया था वीजा
एसटीएफ की ओर से बताया गया कि इनका भारत में रहने का वीजा वर्ष 2020 में ही खत्म हो गया था और इसी फैक्टरी से हाल ही में मोबाइल फोन में लगने वाली ढाई किलो प्रोसेसिंग चिप बरामद की थीं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को गिरफ्तार चीनी नागरिकों के नाम रायन उर्फ रेन चाओ निवासी हेइलोंगजियांग, जेंग हाओझे निवासी गुआंडोंज प्रांत और जेंगे डे निवासी गुआंडोंज प्रांत है।

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