19 साल फिल्मों में काम करके भी गुमनाम हैं नीतू चंद्रा, रोते हुए बोलीं- तो क्या करूं? मर जाऊं?

फिल्मों की दुनिया एक ऐसी दुनिया है, जिसे दूर से देखो तो खूब ग्लैमरस और चकाचौंध भरी नजर आती है पर पास जाने पर पता चलता है कि असलियत क्या है। यहां उगते और चढ़ते सूरज को सलाम किया जाता है और ढलते सूरज को लोग गुमनामी में जाते देखते रहते हैं। एक्ट्रेस नीतू चंद्रा के साथ भी इस वक्त कुछ ऐसा ही हो रहा है। जिस नीतू चंद्रा की एक फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड जीता था और अक्षय कुमार व जॉन अब्राहम की फिल्म से बॉलीवुड डेब्यू किया था, आज उनके पास काम नहीं है और न ही पैसा है। नीतू चंद्रा का हाल ही दिए इंटरव्यू में दर्द छलक पड़ा। नीतू चंद्रा कब और कैसे फिल्मों से गायब हो गईं, उन्हें भी समझ नहीं आया। गुमनामी में खोईं नीतू चंद्रा अपना दर्द बयां करते हुए खुद पर काबू न रख सकीं और रो पड़ीं।

नीतू चंद्रा बोलीं- कई बार सुसाइड का ख्याल आया
Nitu Chandra ने ‘बॉलीवुड हंगामा’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनके मन में कई बार ख्याल आता है कि वो सुसाइड कर लें। नीतू चंद्रा को लगता है कि नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले 13 फिल्ममेकर्स के साथ काम करने के बावजूद उनके पास कोई काम नहीं है और न ही पहचान मिली है। नीतू चंद्रा को लगता है कि इंडस्ट्री के लोगों को अब उनकी जरूरत नहीं है।

‘मैं आज कहीं स्टेंड नहीं करती, इंडस्ट्री को मेरी जरूरत नहीं’
नीतू चंद्रा ने कहा, ‘मेरी कहानी एक सफल एक्ट्रेस की असफल कहानी है। मेरी इंडस्ट्री में कोई पूछ नहीं है, कोई पहचान नहीं है। मैंने 13 नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले फिल्ममेकर्स के साथ काम किया। कई बड़े फिल्में कीं। इसके बावजूद आज मैं कहीं भी नहीं हूं।’

नीतू चंद्रा बोलीं-बताइए क्या करना चाहिए? खुद को मौत के घाट उतार दूं?
नीतू चंद्रा ने इस इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की भी बात की। ऐसा कहा जाता रहा है कि सुशांत ने इसलिए मौत को गले लगाया क्योंकि उनके पास काम नहीं था। हालांकि एक्टर की संदिग्ध मौत की अभी जांच चल रही है। नीतू ने सुशांत की बात करते हुए कहा कि कई बार उनके मन में ख्याल आता है कि उन्हें सुसाइड कर लेना चाहिए। नीतू चंद्रा से जब पूछा गया कि उनका करियर क्यों फ्लॉप हुआ? क्या उन्हें अपने करियर चॉइस पर ध्यान देना चाहिए था? इसके जवाब में वो बोलीं, ‘तो फिर आप बताइए कि मुझे क्या करना चाहिए? क्या मुझे खुद को मौत के घाट उतार देना चाहिए? क्या लोगों के जाने के बाद ही उनके काम को सराहा जाता है?’

‘मैं कोई हमदर्दी बटोरने नहीं आई’
नीतू चंद्रा ने कहा कि लोगों को लगेगा कि मैं हमदर्दी बटोरने आई हूं, पीआर करने आई हूं, लेकिन मैंने पहले तो ऐसे नहीं बोला? ये सब बातें बोलकर नीतू चंद्रा रो पड़ीं। नीतू चंद्रा ने 2005 में फिल्म ‘गरम मसाला’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। वैसे उनकी पहली फिल्म 2003 में आई थी, जिसका नाम ‘विष्णु’ था। ये तेलुगू भाषा की फिल्म थी। नीतू चंद्रा ने हाल ही हॉलीवुड में डेब्यू किया है।

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