दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल का फिर से परीक्षण करने जा रहा रूस, निशाने पर अमेरिका तो नहीं?

मॉस्को

यूक्रेन से जारी युद्ध के बीच रूस ने दूसरी बार दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल का परीक्षण करने का ऐलान किया है। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने बताया कि रूस के आरएस-28 सरमत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल को नए परीक्षणों के लिए तैयार किया जा रहा है। सरमत न सिर्फ रूस बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी और वजनी मिसाइल है। आरएस-28 सरमत मिसाइल की ऑपरेशन रेंज 18000 किलोमीटर जबकि वजन 208 टन है। यह मिसाइल अपने एक ही वार में ब्रिटेन और फ्रांस जैसे शक्तिशाली देशों को बर्बाद करने की क्षमता रखता है। 115 फुट लंबी सरमत मिसाइल एक साथ 15 जगहों पर परमाणु हमला करने में सक्षम है। रोस्कोस्मोस ने कुल 46 सरमत मिसाइल बनाने की योजना बनाई है।

दिमित्री रोगोजिन ने परीक्षण और उत्पादन की दी जानकारी
रोस्कोस्मोस के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने टेलीग्राम पोस्ट में लिखा कि दुनिया की सबसे शक्तिशाली अंतरमहाद्वीपीय परमाणु मिसाइल नए परीक्षण और सीरियल प्रॉडक्शन के लिए तैयार की जा रही है। रोगोजिन ने अपने पोस्ट में एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वे, रोस्कोस्मोस के अन्य अधिकारियों और रॉकेट इंजीनियर रेल कार के जरिए किसी अज्ञात स्थान पर जा रहे सरमत मिसाइल के पास खड़े थे। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले महीने घोषणा की थी कि रूस के परमाणु बलों को 2022 के अंत तक सरमट मिसाइल का पहला बैच प्राप्त होगा।

सरमत मिसाइल को साइबेरिया में किया जाएगा तैनात
रोगोजिन ने रूस के एक सरकारी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि सरमत मिसाइल की एक यूनिट को साइबेरिया के क्रास्नोयार्स्क क्षेत्र में मास्को से लगभग 3,000 किमी (1,860 मील) पूर्व में तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरमत मिसाइलों को उसी जगह पर और उन्हीं साइलो में रखा जाएगा, जहां सोवियत काल के वोयेवोडा मिसाइलों को तैनात किया गया था। ऐसा करने से हमारे संसाधन और समय की बचत होगी। रोगोजिन ने दावा किया कि इस मिसाइल का पहला परीक्षण एक ऐतिहासिक घटना थी, जो गले 30-40 वर्षों के लिए रूस के बच्चों और हमारे पोते-पोतियों की सुरक्षा की गारंटी देगी।

सरमत मिसाइल की ताकत जानें
RS-28 सरमत सुपरहैवी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी कमान रूस की स्ट्रैटजिक रॉकेट फोर्सेज के हाथ में होती है। इस मिसाइल को रूसी कंपनी मेकयेव रॉकेट डिज़ाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है। यह मिसाइल 2009 से अंडर ट्रायल है, इसे 2022 में ही रूसी सेना में कमीशन करने का प्लान है। ऐसे में वर्तमान परीक्षण को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मिसाइल का मास 208.1 मीट्रिक टन है, जबकि लंबाई 35.5 मीटर और गोलाई 3 मीटर है। एक RS-28 सरमत मिसाइल के अंदर 10 से 15 वॉरहेड लगे होते हैं, जो दूसरे फेज में हाई स्पीड से अलग-अलग जगहों पर निशाना साध सकते हैं।

रूस का दावा- दुनिया की सबसे शक्तिशाली मिसाइल है सरमत
रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सरमत दुनिया में सबसे शक्तिशाली मिसाइल है जिसकी रेंज सबसे ज्‍यादा है। पश्चिमी विश्‍लेषकों ने इस मिसाइल का नाम सतान- 2 रखा है। उनका कहना है कि यह रूस की अगली पीढ़ी की मिसाइलों में शामिल है जिसे पुतिन अपराजेय बताते हैं। इनमें रूसी किंझल और एवनगार्ड हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल हैं। ब्रिटिश रक्षा विशेषज्ञ डॉक्‍टर पॉल क्रेग रॉबर्ट सनसनीखेज दावा किया था कि रूस की 5 या 6 सरमत मिसाइलें अमेरिका के पूरे पूर्वी तट को राख के ढेर में बदल सकती हैं। रूस ने सबसे पहले अक्‍टूबर 2017 में इस मिसाइल का परीक्षण किया था। उस समय यह धरती पर सबसे खतरनाक और घातक परमाणु मिसाइल थी।

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