विराट कोहली के ये शॉट बताते हैं कि सब सही है, बस ‘किस्मत’ साथ नहीं है!

नई दिल्ली,

कॉमेडियन कपिल शर्मा के एक शो में जब बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के पिता और राइटर सलीम खान आए, तब उन्होंने क्रिकेट से जुड़ी एक कहावत सुनाई. जो बताती है कि एक क्रिकेटर की ज़िंदगी में तकनीक और टेंप्रामेंट के अलावा किस्मत का कितना अहम रोल होता है. सलीम खान ने किस्सा सुनाया कि मुश्ताक अली जो बड़े क्रिकेटर थे, वो जब मुंबई आते थे तब हमारे पास आते थे. तब एक बार वक्त पर बात चल रही थी कि वक्त क्या होता है. तब मुश्ताक अली ने बताया था कि जब अच्छा वक्त आता है, जहां बॉल पड़ती है वहां आदमी बैट नहीं घुमाता है जहां बैट घुमाता है वहीं बॉल पड़ती है.

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली भी अपने क्रिकेट करियर के उसी दौर से गुज़र रहे हैं, जिसे इस परिभाषा में बुरा वक्त ही माना जाएगा. क्योंकि विराट कोहली पिछले तीन साल से अपने वक्त का इंतज़ार कर रहे हैं. क्रिकेट फैन्स, साथी क्रिकेटर और खुद विराट कोहली भी अब शायद इस उम्मीद में हैं कि कब वह अपने पुराने रंग में लौटेंगे.

हालांकि, अगर विराट कोहली की कुछ पिछली पारियों को देखेंगे तब आपको एक बदलाव नज़र आएगा. जहां कुछ वक्त पहले तक विराट कोहली कुछ बॉल पर बीट होते दिख रहे थे, या कुछ बॉल उनके लिए अनप्लेयल साबित हो रही थीं वो चीज़ अब धीरे-धीरे ही सही लेकिन खत्म होने लगी हैं. टीम इंडिया के मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर विराट कोहली के बल्ले से कोई बड़ा स्कोर नहीं निकला है.

लेकिन उन्होंने अभी तक जितनी भी छोटी-छोटी पारियां खेली हैं और उनमें चुनिंदा शॉट जो खेले हैं वो बताते हैं कि विराट कोहली के पास अभी भी वो दमखम है, जिसके लिए वह पिछले एक दशक से जाने जाते हैं. उदाहरण के लिए विराट कोहली ने जब इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया की पारी के पांचवें ओवर में विराट कोहली ने एक शॉट खेला.

सातवें ओवर की दूसरी बॉल पर विराट कोहली ने कवर ड्राइव लगाई, क्रिकेट की जितनी भी किताबें अभी तक लिखी जा चुकी हैं या लिखी जाएंगी शायद उसमें अगर किसी बेहतरीन शॉट का उदाहरण देना होगा तो विराट कोहली की कवर ड्राइव पर एक चैप्टर अलग से लिखा जाएगा. ये शॉट उसी का सबसे बेहतरीन उदाहरण है.

क्रीज़ पर आने के बाद 8 बॉल खेल चुके विराट कोहली ने एक स्ट्रेट ड्राइव मारी, जो विराट कोहली के बेहतरीन शॉट में से एक है. ना ज्यादा ताकत का इस्तेमाल और ना ही कोई हरकत, सिर्फ एक कवि की कविता जो कलम उठाने पर खुद ब खुद लिखती चली जा रही है. सातवें ओवर में एक शॉट फिर आया, जिसने क्रिकेट के फैन्स को उनकी कुर्सियों से उठने पर मजबूर कर दिया होगा.

विराट कोहली के बल्ले से जिस तरह बॉल मिडिल कर रही हैं, वो कप्तान रोहित शर्मा के बयान को बार-बार सही साबित करती हैं जिनमें वह कहते हैं कि हम प्लेयर की क्वालिटी पर भरोसा करते हैं और हमें पता है कि उसमें (विराट) में क्या क्वालिटी है, इसलिए फॉर्म को लेकर जो भी बात कही जा रही है हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.

शायद जिस एक पारी का इंतज़ार विराट कोहली, टीम इंडिया और भारतीय क्रिकेट टीम के फैन्स को है. वो करीब है, कितना करीब यह किसी को नहीं पता है. क्योंकि विराट कोहली के पास तकनीक, टेम्प्रामेंट सबकुछ वैसा ही ही जो शायद उनके पीक के वक्त पर था. बस, विराट कोहली को इंतज़ार है बस अपने लक के वापस आने का, जिसकी ज़रूरत उन्हें इस वक्त सबसे ज्यादा है.

About bheldn

Check Also

सड़कें बाढ़ में डूबीं, घर हुआ पानी-पानी, भारत-कनाडा मैच में ऐसा रहेगा फ्लोरिडा में वेदर

फ्लोरिडा का मौसम, भारत बनाम कनाडा, टी20 विश्व कप 2024: भारतीय टीम अपने अंतिम ग्रुप …