बाइडेन के सऊदी से विदा होते ही खशोगी के पूर्व वकील को 3 साल की जेल, UAE की अदालत ने क्यों सुनाई सजा?

दुबई

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अमेरिकी नागरिक और जमाल खशोगी के पूर्व वकील असीम गफूर को धन शोधन और कर धोखाधड़ी के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई है। सऊदी अरब के पत्रकार खशोगी की 2018 में इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब दूतावास में हत्या कर दी गई थी। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने शनिवार देर रात की अपनी रिपोर्ट में कहा कि गफूर का प्रत्यर्पण किया जाएगा। हालांकि, प्रत्यर्पण कब किया जाएगा, इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अबू धाबी धन शोधन अदालत ने यह भी आदेश दिया कि गफूर को 8,16,748 डॉलर का जुर्माना भरना होगा।

जो बाइडेन ने सऊदी दौरे पर उठाया था खशोगी की हत्या का मुद्दा
दो दिन पहले सऊदी अरब दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेेन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की 2018 में हुई हत्या का मामला उठाया। बाइडन ने कहा कि मैंने स्पष्ट कहा कि एक अमेरिकी राष्ट्रपति होने के नाते मानवाधिकार के किसी मामले पर चुप रहना, जो मैं हूं या जो हम हैं, उस पहचान से मेल नहीं खाता। मैं हमारे मूल्यों के लिए हमेशा खड़ा होऊंगा।

अमेरिका का दावा- प्रिंस सलमान ने दिया था हत्या का आदेश
जनवरी 2021 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद जो बाइडेन ने एक अमेरिकी खुफिया आकलन को जारी किया था। इसमें निष्कर्ष निकाला गया था कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और वास्तविक शासक मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी के आलोचक और वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या का आदेश दिया था।

इस्तांबुल में सऊदी दूतावास के अंदर हुई थी हत्या
खशोगी की अक्टूबर 2018 में इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास के अंदर हत्या कर दी गई थी। उनके शव को भी दूतावास के अंदर ही ठिकाने लगा दिया गया था। इस आकलन के बाद राष्ट्रपति बाइडेन ने मोहम्मद बिन सलमान से सीधे बात करने से इनकार कर दिया था। उधर, तुर्की ने भी खशोगी की हत्या को लेकर सऊदी के कई नागरिकों को आरोपी बनाया था।

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