स्मृति ईरानी-अमित मालवीय पर केेस, द्रौपदी मुर्मू पर कांग्रेस नेता के बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप

रांची,

कांग्रेस की तरफ से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और अमित मालवीय के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई है. पार्टी का आरोप है कि दोनों ही नेताओं की तरफ से द्रौपदी मुर्मू को लेकर दिए गए कांग्रेस नेता अजय कुमार के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया.

झारखंड कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने सोमवार को कोतवाली थाना रांची में अमित मालवीय, स्मृति ईरानी और प्रीति गांधी के खिलाफ भादवि धाराओं के तहत कोतवाली थाने में FIR दर्ज करवाई. उन्होंने कहा कि तीनों नें सोची समझी साजिश के तहत अपने सोशल नेटवर्किंग हैंडल पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अजय कुमार के ANI पर दिए गए बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया और पार्टी की छवि को खराब करने का प्रयास रहा. ऐसा कर भाजपा ने आदिवासी समाज का अपमान तो किया ही साथ ही साथ द्रौपदी मुर्मू जी का भी अपमान किया है.

कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि भाजपा को आदिवासी सशक्तिकरण या उत्थान से कोई लेना देना नहीं है, सिर्फ चुनावी नफा नुकसान के तहत किसी समाज अथवा धर्म से जोड़कर ध्रुवीकरण का खेल इनकी आदत बन गयी है. राजीव रंजन के मुताबिक कांग्रेस ने हमेशा से ही दलित हित वाली राजनीति की है, आदिवासियों के भले के लिए काम किया है. लेकिन बीजेपी सरकार ने हर बार इस समाज के अधिकारों में कटौती करने का काम किया है.

इस बात पर भी जोर रहा है कि बीजेपी सरकार के दौरान आदिवासियों के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. अदालतों में कम से कम 10,302 मामले लंबित हैं और 8272 मामले दर्ज हैं. वैसे जिस बयान की वजह से ये FIR दर्ज की गई है वो कांग्रेस नेता अजय कुमार ने कुछ दिन पहले दिया था.

उन्होंने कहा था कि द्रौपदी मुर्मू एक सभ्य व्यक्ति हैं, लेकिन वह भारत के एक बहुत ही बुरे पक्ष का प्रतिनिधित्व करती हैं. देश में राम नाथ कोविंद राष्ट्रपति हैं. हाथरस जैसी घटना हो गई. क्या उन्होंने एक शब्द भी कहा? अनुसूचित जातियों की हालत और खराब हो गई है. इसी बयान पर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज करवाई थी और कांग्रेस ने स्मृति ईरानी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी.

About bheldn

Check Also

152 दिन, 143 सुइसाइड, यवतमाल को पीछे छोड़ महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या की राजधानी बना अमरावती

नागपुर किसानों की आत्महत्या मामले में महाराष्ट्र टॉप पर रहता है। पिछले कुछ वर्षों में …