क्या सेना में पिछले दो वर्षों में कोई भी भर्ती नहीं हुई? जानिए रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट का जवाब

नई दिल्ली

तीन रक्षा सेवाओं में 1.35 लाख कर्मियों की कमी है जिसमें 1.16 लाख की अधिकतम रिक्तियां थलसेना में हैं। सरकार के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। इस कुल कमी में अधिकारी और सैनिक दोनों ही शामिल हैं। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने सोमवार को कहा कि सेना, नौसेना और वायु सेना में औसत वार्षिक भर्ती क्रमशः 60,000, 5,332 और 5,723 सैन्यकर्मियों की होती है।

‘अग्निवीर’ से जुड़े सवाल पर मंत्री ने नहीं दिया सीधा जवाब
मंत्री ने इस एक सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि क्या इस औसत भर्ती का आंकड़ा ‘अग्निवीर’ की प्रस्तावित वार्षिक भर्ती की संख्या से अधिक है और यदि हां, तो सशस्त्र बलों में सैनिकों की कमी को कैसे पूरा किया जाएगा। इस पर भट्ट ने सिर्फ इतना कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।

इस प्रश्न का उत्तर ‘नहीं’ में दिया
यह पूछे जाने पर कि क्या यह सच है कि भारतीय सेना ने पिछले दो वर्षों में किसी भी व्यक्ति की भर्ती नहीं की है, उन्होंने इस प्रश्न का उत्तर ‘नहीं’ में दिया।अधिकारी और गैर-अधिकारी दोनों रैंक के कर्मियों सहित सभी तीन सशस्त्र बलों में सैनिकों की कुल कमी पर, भट्ट ने कहा कि एक जनवरी को अधिकृत शक्ति के मुकाबले सेना में 1,16,464 सैनिकों की कमी थी।

अग्निपथ योजना के तहत भर्तियां शुरू
उन्होंने कहा कि 31 मई को नौसेना में अधिकृत संख्या के मुकाबले 13,597 सैनिकों की कमी थी, जबकि भारतीय वायु सेना में एक जुलाई को 5,723 सैनिकों की कमी थी। तीनों सेवाओं ने ‘अग्निपथ’ योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 14 जून को घोषित इस योजना में साढ़े 17 और 21 वर्ष की आयु के युवाओं को केवल चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है और उनमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों तक बनाए रखने का प्रावधान है। वर्ष 2022 के लिए, ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया गया है।

अग्रिपथ योजना के खिलाफ देश में हुए थे हिंसक प्रदर्शन
भारत के कई हिस्सों में पिछले महीने इस योजना के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए, आंदोलनकारियों ने इसे वापस लेने की मांग की क्योंकि नया मॉडल 75 प्रतिशत रंगरूटों को नौकरी की गारंटी नहीं देता है। इस योजना के तहत तीनों सेनाएं इस साल 46,000 सैनिकों की भर्ती करने की योजना बना रही हैं। नई योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। ‘अग्निपथ’ योजना का एक प्रमुख उद्देश्य सैन्य कर्मियों की औसत आयु को कम करना है। राज्यसभा सचिवालय ने सोमवार के सवालों को मंगलवार को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया।

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