19 साल के शातिर का पॉर्न जालः 1 फोटो का 500, लेटफीस 1000… 22 महिलाओं को बनाया शिकार

मुंबई

पुलिस ने महज 19 साल के एक ऐसे शातिर को गिरफ्तार किया है, जो अब तक 22 महिलाओं को अपना शिकार बना चुका था। इस शख्स ने शहर की करीब दो दर्जन महिलाओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स खासकर इंस्टाग्राम से उनकी तस्वीरों को निकाल कर गलत इस्तेमाल किया। आरोपी ने पहले तो अश्लील क्लिप बनाई और फिर इसको हटाने के एवज में पैसों की मांग करने लगा। पुलिस ने इस किशोर को जबरन वसूली और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फोटो हटाने के लिए 500 रुपये से 4,000 रुपये तक की मांग करता था। आरोपी का महिलाओं से पैसा ऐंठने का यह तरीका था कि अगर भुगतान तुरंत किया गया था, तो वह 500 रुपये चार्ज करेगा, और देरी करने पर 1,000 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा, भले ही एक दिन देर से ही क्यों न किया गया हो।

हाईस्कूल फेल होने के बाद आरोपी ने ज्वाइन की मास्क बनाने वाली कंपनी
पुलिस ने मामले की जांच के बाद 19 वर्षीय प्रशांत आदित्य को गुजरात के गांधीनगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 10वीं कक्षा में फेल होने के बाद आरोपी ने मास्क बनाने वाली कंपनी में काम करना शुरू कर दिया था। दिलचस्प बात यह है कि आदित्य केवल अपने समुदाय की महिलाओं को ही निशाना बना रहा था। वहीं 14 जुलाई के आसपास एक ही समुदाय की कम से कम 22 महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों ने इस मामले को लेकर एंटॉप हिल पुलिस से संपर्क किया और आपबीती बताई। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आरोपी के इस कृत्य यानी कि भेजी जाने वाली अश्लील क्लिप के कारण वे मानसिक यातना, भय और उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं।लोगों ने पुलिस को बताया कि भेजी जाने वाली क्लिप ज्यादातर 30 सेकंड लंबी हुआ करती थी।

डीपी पर लगी बच्चों की तस्वीर पर लिख देता था ‘RIP’
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच में पाया कि कुछ मामलों में, जिन महिलाओं ने सोशल मीडिया पर अपने बच्चों की तस्वीरों को अपने डीपी के रूप में इस्तेमाल किया था, उन्हें वही तस्वीरें ‘आरआईपी’ लिखने के साथ भेजी गई थी, जिससे महिलाओं में बच्चों की सुरक्षा को लेकर दहशत पैदा हो गई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ महिला की लज्जा भंग करने, यौन उत्पीड़न, रंगदारी आदि के आरोप में आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही आईटी अधिनियम की धारा 67 ए (यौन स्पष्ट अधिनियम को प्रसारित करने के प्रकाशन के लिए दंड, आदि) भी लगाई गई है। इस मामले की जांच के लिये एसीपी अश्विनी पाटिल के नेतृत्व में और डीसीपी संजय पाटिल की देखरेख में एक टीम को जांच के लिए लगाया गया।

ज्यादातर इंस्टाग्राम यूजर्स को बनाता था शिकार
महिलाओं से की जा रही इस ठगी के मामले में मुख्य शिकायतकर्ता एक 40 वर्षीय महिला है, जो कि एक कंपनी में काम करती है। वरिष्ठ निरीक्षक नासिर कमलपाशा कुलकर्णी ने कहा कि पुलिस को शक है कि आदित्य ने एंटॉप हिल में 22 सहित 49 महिलाओं को निशाना बनाया था, लेकिन इसकी पुष्टि आगे की जांच के बाद ही की जा सकेगी। पुलिस ने जांच में पाया कि पीड़ित महिलाओं में ज्यादातर के इंस्टाग्राम पर अकाउंट थे। जांचकर्ताओं ने पाया कि आदित्य द्वारा पीड़ितों को भुगतान के लिए भेजा गया क्यूआर कोड गुजरात की एक ट्रैवल एजेंसी का निकला। आरोपी ने दावा किया था कि उसके पास बैंक खाता नहीं है और वे अपने वेतन के लिए क्यू आर कोड का इस्तेमाल करना चाहता है। जिसके बाद उसे प्रति लेनदेन के बदले 50 रुपये के शुल्क लेने की तर्ज पर कोड को उपयोग करने की अनुमति मिली थी।

आईपी एड्रेस का पता लगाकर पुलिस ने गुजरात से भी की गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारी गौरीशंकर पाबले और राहुल वाघ ने आदित्य के इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते का पता लगाया। जिसके बाद अन्य आरोपी के मोबाइल नंबर का विवरण एकत्र किया और उसे गुजरात से गिरफ्तार किया। पाबले ने कहा कि हमने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और इसे जांच पड़ताल के लिए आगे भेजा जाएगा। एक अदालत ने फिलहाल आरोपी को 29 जुलाई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।वहीं दूसरी ओर गिरफ्तारी के बाद, आदित्य ने दावा किया कि किसी ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक कर लिया था और उसे भी इसी तरह से पीड़ित किया गया था, जिसके चलते उसने इसका बदला लेने के लिए यह करना शुरू कर दिया।

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